इंदौर में जैन संत ने दी जान, धर्मशाला के कमरे में मिला शव, समाज के लोग हैरान


इंदौर,(मध्य प्रदेश)। इंदौर में 45 वर्षीय एक दिगंबर जैन संत ने शनिवार को कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। परदेशीपुरा पुलिस थाने के प्रभारी पंकज द्विवेदी ने बताया कि विमद सागर महाराज (45) नंदानगर क्षेत्र की जैन धर्मशाला में फांसी पर पर लटके मिले हैं। घटना की सूचना मिलते ही जैन समाज के लोगों की भीड़ वहां पर जमा हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस को मौके से जैन संत का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और उनकी मौत के कारण का पता लगाया जा रहा है। इस बीच, जैन संत की कथित आत्महत्या के बाद इस समुदाय के कई लोग मौके पर पहुंचे जहां पुलिस जांच कर रही थी। समुदाय के लोगों के मुताबिक जैन संत चातुर्मास (संत का चार महीने तक एक ही स्थान पर प्रवास) के सिलसिले में इंदौर पहुंचे थे।
पुलिस के अनुसार वे आहार के बाद एक बजे सामयिक के लिए कमरे में गए। इसके बाद ढाई बजे तक कमरे से बाहर नहीं आए तो सेवादार ने दरवाजा खटखटाया। मगर दरवाजा नहीं खुला। उसके बाद सेवादार ने ऊपर से झांककर देखा तो कमरे के अंदर संत का शव था। इस घटना से समाज के लोग हैरान हैं। वहीं, विशेष अनुमति लेकर रात में ही शव का पोस्टमार्टम किया गया है। बताया जा रहा है कि संत 18 साल से 48 घंटे में एक ही बार आहार लेते थे। वह मूल रूप से सागर के रहने वाले थे। 20 साल की उम्र में उन्होंने दीक्षा ली थी। उनके साथ के लोगों का कहना है कि जब वह आहार ले रहे थे, तब उनके चेहरे पर किसी भी तरह का तनाव नहीं था। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। अभी किसी तरह की कोई शिकायत नहीं आई है।