देवरिया में सरयू नदी पर बना पुल फिर हुआ क्षतिग्रस्त, गाड़ियों के गुजरने पर झूले की तरह झूलता है ब्रिज


देवरिया,(उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के देवरिया-बलिया बॉर्डर पर भागलपुर में सरयू नदी पर बना पुल फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के अधिकांश एक्सपेंशन जॉइंट्स में चौड़े गैप बन गए हैं। आरसीसी लिंटर जगह जगह उखड़ गई है और सभी बेयरिंग खराब हो गए हैं, जिससे हल्के वाहनों के गुजरने पर भी पुल झूले की तरह हिल रहा है। फिलहाल पुल से भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। दो दशक पहले हुए इस पुल के निर्माण के बाद से कई बार इसकी मरम्मत हो चुकी है। इस बार आइआइटी मुंबई के इंजीनियरों ने पुल का निरीक्षण कर 4 करोड़ रुपये की लागत से बेयरिंग की विशेष डिजाइन तैयार की है।
2819.44 लाख की लागत से 2001 में हुआ था निर्माण
बलिया और देवरिया को आपस में जोड़ने वाले 1185 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण की शुरुआत साल 1987 में राज्य सेतु निगम द्वारा 2819.44 लाख की लागत से की गई थी। 26 दिसंबर 2001 को पुल बनकर तैयार हुआ और तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने इसका उद्घाटन किया था। लोकार्पण के 10 साल बाद से ही पुल क्षतिग्रस्त होने लगा और लगभग हर साल इसकी रिपेयरिंग भी कराई जाती रही लेकिन रिपेयरिंग में खानापूर्ति के चलते पुल जर्जर होता गया। साल 2014 में पुल की स्थिति को देखते हुए कई हफ्तों तक आवागमन बंद रहा।
दो दशक में कई बार हो चुकी पुल की रिपेयरिंग
साल 2014 में रिपेयरिंग के बाद फिर आवागमन शुरू हुआ तो साल 2016-17 में पुल के खंभों के स्लैब में खराबी आ गई। लगभग सवा करोड़ की लागत से पुल के सभी खंभों की बेयरिंग बदलने के साथ क्षतिग्रस्त गड्ढों में कंक्रीट भरी गई। अगस्त 2019 में मरम्मत कार्य पूरा हुआ लेकिन 4 माह बाद फिर पुल के पिलर नंबर 4 और 5 के स्लैब में दरार पड़ने लगी। इस बार लगभग 35 लाख रुपए की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा पुल की दरार भरकर रिपेयरिंग कराई गई। रिपेयरिंग के 1 साल बाद ही साल 2020 में फिर पुल में दरारे आ गई और जॉइंट्स का गैप बढ़ने लगा। लगभग 1 महीने तक इस पुल पर आवागमन बंद रहा। बाद में लखनऊ से आए इंजीनियरों की टीम ने पुल के दरार वाले स्लैब पर स्टील का प्लेट लगा कर आवागमन शुरू कराया। दो दशक में ही बार-बार क्षतिग्रस्त होने के चलते पुल की गुणवत्ता पर शुरू से ही सवाल उठ रहे हैं। वर्तमान में यह पुल फिर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जॉइंट्स में चौड़ी-चौड़ी दरारें आ गई हैं और लिंटर उखड़ गया है। सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक पुल के सभी बेयरिंग खराब हो गए हैं। स्थिति यह है कि हल्के वाहनों के गुजरने पर भी पुल में तेज कंपन के साथ जॉइंट्स का गैप और अधिक बढ़ जा रहा है। जॉइंट्स के गैप से नदी भयावह दिख रही है, जिसके चलते पुल से गुजरने में लोग डरने लगे हैं।
रिपेयरिंग के बाद भी बार-बार खराब होने की वजह से इस बार आईआईटी बॉम्बे के इंजीनियरों की टीम ने पुल का निरीक्षण कर रिपेयरिंग की डिजाइन तैयार की है, जिसमें पुल के सभी बेयरिंग बदले जाएंगे और अन्य तकनीकी गड़बड़ियां दूर की जाएंगी। रिपेयरिंग में 4 करोड़ रुपए खर्च होना है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि आईआईटी बॉम्बे के इंजीनियरों की टीम ने पुल का निरीक्षण कर रिपेयरिंग के लिए डिज़ाइन तैयार की है। रिपेयरिंग में 4 करोड़ का खर्च आएगा। शासन से पैसा स्वीकृत हो चुका है। शीघ्र निर्माण शुरू हो जाएगा।