रायपुर में सिस्टम की मार से बेहाल जवान, जमीन के लिए आर्मी से रिटायरमेंट लेकर सरकारी दफ्तरों का लगा रहा चक्कर


  • सिस्टम की मार से रायपुर में बेहाल है सेना का पूर्व जवान
  • जमीन विवाद में उलझने के बाद छोड़नी पड़ी नौकरी
  • विवाद सुलझाने के लिए सरकारी दफ्तरों में लगा रहा चक्कर
  • रायपुर कलेक्टर ने सात दिन में हल करने का दिया आश्वासन
रायपुर,(छत्तीसगढ़)। देश की धरा की हिफाज़त करने वाला एक जवान अपनी जमीन वापस पाने के लिए वर्षों से भटक रहा है। परिवार से दूर रहकर मातृभूमि की सेवा करने वाले एक जवान के परिवार तक को सुस्त सिस्टम ने शिकार बनाने से नहीं परहेज किया है। रायपुर कलेक्टर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन देते हैं। ऐसे में पूर्व जवान की लड़ाई लड़ने अब पूर्व सैनिक आगे आए हैं। दरअसल, रायपुर के कोटा में रहने वाला सेना का एक जवान और उनका परिवार जमीन के विवाद में फंसकर परेशान हो गया है। भारतीय सेना में पदस्थ जवान एनके वर्मा ने 2012 में जिस जमीन को खरीदा था, उसे अब सरकारी जमीन बताया जा रहा है। ऐसे में सरकारी सिस्टम की मार से जवान के सपनों का आशियाना बनने से पहले ही बिखर गया है। इस विवाद से तंग आकर जवान ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार से शिकायत की है। शिकायत के बाद रविवार को जवान अपने साथी सैनिकों के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंचे और अपनी जमीन को लेकर गुहार लगाई है। इस मामले में सरकारी सिस्टम की मार झेल रहे जवान का धैर्य अब जवाब दे गया है। इसलिए जवान ने अब सेना से रिटायरमेंट भी ले लिया है। अपनी पीड़ा साझा करते हुए भारतीय सेना के जवान एनके वर्मा बताते हैं कि गर्भावस्था की हालत में उनकी पत्नी सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाया करती थी। पर क्रूर सिस्टम ने एक जवान तक को न्याय नहीं दिया। इस पूरे मामले में अवकाश होने के बाद भी रविवार को कलेक्टर सौरभ कुमार जवान की पीड़ा समझने के लिए जरूर पहुंचे लेकिन वह लगातार मीडिया से दूरी बनाते दिखे। इस दौरान इस मामले की किसी भी तरह की जानकारी रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने देना उचित नहीं समझा है।