लोनी में महिला मुनिया को दर्दनाक तरीके से दी थी मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा


गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद जिले के लोनी की अशोक विहार कॉलोनी में शनिवार को दिनदहाड़े महिला मुनिया की मुंह पर कपड़ा रख दम घोंटकर हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को बागपत अपने मूल निवास ले गए। पुलिस की टीमें मृतका के करीबियों से पूछताछ कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। लोनी सीओ अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को सुपुर्दे खाक करने के लिए बागपत चले गए थे। शाम के समय वापस लोनी लौटने पर पुलिस ने पूछताछ शुरू की है। परिजनों और करीबियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में अभी कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है। करीबियों की कॉल डिटेल और लोकेशनों पर पुलिस नजर रखे हुए है। पुलिस की तीन टीमें हत्या के खुलासे में लगी हुई हैं।
शनिवार दोपहर को अशोक विहार कॉलोनी में बदमाशों ने घर में घुसकर मुनिया (35) को बंधक बनाकर उनकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद लूटपाट कर गेट बंद कर फरार हो गए। परिजनों ने बताया कि घर से 70 हजार नकद और सवा लाख के गहने गायब थे। बागपत के दौलतपुर निवासी दिलशाद पत्नी मुनिया (35), बेटी अलिशा(13), आहत (10) और अरहाम (3)के साथ रहते हैं। परिजनों के अनुसार शनिवार सुबह दिलशाद काम पर चले गए थे। अलिशा और आहत दोनों पढ़ाई कर दोपहर करीब डेढ़ बजे घर पहुंची तो मुख्य गेट पर कुंडी लगी थी।
बच्चे दरवाजा खोलकर अंदर गए तो मुनिया सोफे पर मृत पड़ी थी, उनके हाथ-पैर कपड़े से बंधे थे, गले पर कपड़ा बंधा हुआ था। तीन साल का बेटा उनके पास खड़ा रो रहा था। पड़ोसियों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस को बेड के अंदर एक लाख रुपये मिले। परिजनों का कहना है कि दिलशाद के ड्यूटी पर जाने के बाद बच्चे भी स्कूल चले जाते हैं। सुबह आठ बजे से डेढ़ बजे तक मुनिया गेट को बंद ही रखती थी। वह अपने मकान के ऊपरी कमरे में रहती थी। नीचे फ्लोर पर वह साफ सफाई के लिए आती थी। वह किसी अंजान के लिए दरवाजा नहीं खोलती थी। अंदेशा है कि किसी जान पहचान वाले ने ही घटना को अंजाम दिया।  पड़ोसियों का कहना है कि शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे घर के अंदर से तेज गाने बजने की आवाज आ रही थी। दस मिनट बाद गानों की आवाज बंद हो गई। अंदेशा है कि बदमाशों ने तेज गाने इसलिए बजाए ताकि आवाज बाहर न जा सके।