गाजियाबाद में बुखार का कहर, बेड हुए फुल, अस्पतालों में उमड़ रही भीड़


गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद जिले में बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि सरकारी अस्पतालों में बुखार और डेंगू के मरीजों के लिए रिजर्व किए गए बेड भी कम पड़ रहे हैं। डॉक्टर बुखार के मरीजों को आराम पड़ने पर तुरंत डिस्चार्ज कर रहे हैं, जिससे दूसरे मरीजों को भर्ती किया जा सके।
जिले के दोनों सरकारी अस्पतालों कम्बाइंड और एमएमजी में बुखार के मरीजों के लिए अलग से वॉर्ड बनाए गए हैं। एमएमजी अस्पताल में बनाए गए फीवर वॉर्ड में 30 बेड रिजर्व किए गए थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर 50 कर दी गई। कंबाइंड अस्पताल में भी फीवर वॉर्ड में बेड की संख्या को बढ़ाकर 50 कर दिया गया। दोनों अस्पतालों में तैनात डॉक्टर हाई फीवर होने पर मरीजों को भर्ती करते हैं और आराम पड़ने पर उन्हें डिस्चार्ज कर देते हैं, जिससे ‌फीवर वॉर्ड में बेड खाली हों और दूसरे मरीजों का भर्ती करके उपचार किया जा सके।
एमएमजी अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह बताते हैं कि पिछले महीने के मुकाबले इस महीने बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा हो गई है। मरीजों में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इनमें उन मरीजों की संख्या भी ज्यादा है, जिन्हें भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। अस्पताल के डेंगू वॉर्ड में 10 बेड हैं और 8 पर मरीज भर्ती हैं। कंबाइंड अस्पताल में 50 बेड में से 40 पर बुखार के मरीज भर्ती हैं, जिनमें 11 मरीज डेंगू संक्रमित हैं। इनमें 5 बच्चे भी शामिल हैं। अस्पताल के सीनियर डॉक्टर डॉ. सूर्यांशु ओझा ने बताया कि अस्पताल में सभी स्टाफ बुखार के मरीजों के उपचार में जुटा हुआ है। अस्पताल में 100 बेड की व्यवस्था है। फिलहाल 50 बेड पर मरीजों का उपचार चल रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य बेड पर भी बुखार के मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
जिले में पॉश कॉलोनियों के बाद अब डेंगू ने गांवों की ओर रुख कर लिया है। पिछले 10 दिनों में ग्रामीण इलाकों में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मुरादनगर के मनोली, मिलक रावली और डिडौली गांव में डेंगू के ज्यादा केस मिल रहे हैं। मोदीगनर और मुरादनगर सीएचसी में बेड खाली नहीं होने के कारण सभी मरीज उपचार के लिए संजयनगर स्थित कंबाइंड अस्पताल जा रहे हैं।
डेंगू के मरीज लगातार मिलने पर सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने मनौली गांव का निरीक्षण भी किया था। इसी के साथ गांव में मरीजों के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जहां बुखार के मरीजों को उपचार और जांच की सुविधा दी जा रही है।