दिल्ली में फॉर्म हाउस हैं रेव पार्टियों के लिए पसंदीदा 'अय्याशी के अड्डे'


नई दिल्ली। दिल्ली के छिपे हुए कोनो में स्थित फार्महाउस रेव पार्टियों के लिए पसंदीदा अड्डे हैं। ड्रग्स और अन्य गैरकानूनी गतिविधियां इन फार्महाउस में होने वाली रेव पार्टियों में की जाती हैं। महरौली के फतेहपुर बेरी, छतरपुर और भाटी माइंस गांव में स्थित सैकड़ों फार्महाउस, कापसहेड़ा बॉर्डर पर बने फार्महाउस, यमुना किनारे कुछ जगहें और आउटर दिल्ली या जीटी रोड पर बने रिजॉर्ट्स आमतौर पर इन अवैध रेव, कैसीनो, निजी और हाई प्रोफाइल पार्टियों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इन पार्टियों के कई ऐसे राज होते हैं, जो छापों के बाद खुलते हैं जिसके बाद हर कोई हैरान रह जाता है। हालांकि, 'सर्किट' (ग्रुप) लगाने वाले रेवियों ने बताया कि अब दिल्लीवाले मुंबई, गोवा, हिमाचल और अच्छे पैसे खर्च कर आइलैंड्स पर भी अय्याशी करने जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार दिल्ली के एक रेविए ने बताया कि रेव अब धंधा नहीं रहा। अब यह सिर्फ करीबी दोस्तों के बीच का सर्किट बन चुका है। वे आपसे में पैसे जमा करते हैं फिर अय्याशी होती है। उसने बताया- इन पार्टियों में मॉडल, सेलिब्रिटी, राजनेताओं के बच्चे और उनके दोस्त होते हैं। दिल्ली में ज्यादातर स्टूडेंट्स, अमीरों के बेटे-बेटियां और इंडस्ट्रलिस्ट के बच्चे होते हैं। रेविए ने बताया कि फार्महाउस और बड़े-बड़े बंग्लो को इसलिए चुना जाता है कि वहां आसानी से सब चारदीवारी में मैनेज हो जाता है। इसलिए घर जैसी लोकेशन को चुना जाता है। जहां स्वीमिंग पूल हो और बड़ा गार्डन। रेविए ने बताया कि एक सच्चा रेविया बड़ा 'घाग' होता है। पार्टी के बारे में वे 'सर्किट' के बाहर के लोगों को जरा भी भनक नहीं लगने देते। वॉट्सऐप और टेलिग्राम से भेजे जाते हैं पार्टी का इनविटेशन। यह तो रेव पार्टी के नौसिखिए हैं जो काम बिगाड़ते हैं और कभी-कभी रेड पड़ जाती है।
रेविए ने बताया कि रेव में एसिड, एक्सटैसी पीएंगे, रात भर ट्रांस म्यूजिक पर नाचेंगे। ड्रग लिए बिना रेविए लगातार कई घंटे ट्रांस म्यूजिक पर डांस नहीं कर सकते। कुछ तो है कि जो उनमें लगातार नाचने का जुनून पैदा करते हैं। जिनके पास पैसे होते हैं वे एसिड व एक्सटैसी जैसे महंगे ड्रग लेते हैं। जो बजट देखते हैं वे मशरूम, हशीश या गांजा से ही काम चला लेते हैं। अब तो ट्रेंड आया है कि हुक्के के चिल्लम में पाउडर मिक्स पर पीने का। यहां वो सब होता है जिसकी इजाजत कानून नहीं देता। लेकिन अय्याशी के आगे ये रेविए सबकुछ भूल जाते हैं।