सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी लोनी नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन सहित तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज


गाजियाबाद ब्यूरो। सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी लोनी नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन सहित तीन आरोपियों की जमानत अर्जी जिला जज ने खारिज कर दी। महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में छह आरोपी डासना जेल में बंद हैं। जमानत अर्जी पर बहस करने के लिए बचाव पक्ष ने चार बार तारीख ली थी। जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि मनोज धामा, शोभित मलिक और दीपक धामा की अर्जी अदालत ने खारिज की है। पीड़िता ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई थी। 13 जुलाई को हाईकोर्ट ने निचली अदालत को एक साल में मामला निस्तारित करने के आदेश दिए थे।
पीड़िता के अधिवक्ता पूर्व सचिव परविंदर नागर ने बताया कि लोनी बॉर्डर थानाक्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने वर्ष 2019 में इंद्रजीत नामक युवक पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा अदालत में अर्जी लगाई थी। अदालत के आदेश के बाद इंद्रजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि इंद्रजीत को पूर्व चेयरमैन मनोज धामा का संरक्षण प्राप्त है। फरवरी 2019 में लोनी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन मनोज धामा, शोभित मलिक, दीपक धामा, सत्येंद्र चौहान, विकास पंवार और राहुल धामा ने उसके घर पहुंचकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया था। बात न मानने पर मनोज धामा ने सभी साथियों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
एफआर के खिलाफ पीड़िता ने अदालत में अर्जी लगाई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने एफआर निरस्त कर सभी आरोपियों के खिलाफ परिवाद दर्ज किया था। इसके बाद सभी आरोपी डेढ़ साल से फरार चल रहे थे। अदालत से कुर्की का आदेश जारी होने के बाद मनोज धामा सहित अन्य ने 18 सितंबर को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। इस समय मनोज धामा, शोभित मलिक, दीपक धामा, सत्येंद्र चौहान, राहुल धामा और विकास पंवार डासना जेल में बंद हैं।