एक्सिडेंट के बाद से परेशान डीयू के रिटायर्ड प्रोफेसर दंपती ने किया सूइसाइड


नई दिल्ली। साउथ ईस्ट जिले के गोविंदपुरी थाना इलाके में डीयू से रिटायर्ड प्रोफेसर दंपती ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतकों की शिनाख्त राकेश कुमार जैन (74) और उनकी पत्नी उषा जैन (69) के तौर पर हुई। पुलिस को दोनों के अलग-अलग स्यूसाइड नोट मिले। इनमें लिखा है कि पिछले साल हुए एक सड़क हादसे में उनकी बॉडी की कई हड्डियां टूट गई थीं। वह बिस्तर पर पड़े रहने वाली जिंदगी से तंग आ चुके थे। इसलिए जान दे रहे हैं। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव बुधवार को परिजनों को सौंप दिए।
डीसीपी (साउथ ईस्ट) ईशा पांडेय ने बताया कि राकेश कुमार जैन डीयू के शहीद भगत सिंह कॉलेज में, जबकि उषा मैत्री कॉलेज में प्रोफेसर रहे थे। दोनों कालकाजी एक्सटेंशन के पॉकेट-9 में रहते थे। देखभाल के लिए वाल्मीकि मोहल्ला निवासी अजीत को रखा गया था। दंपती की बेटी अंकिता (47) ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 में रहती हैं। केयर टेकर अजीत ने मंगलवार दोपहर 2:30 बजे उनको कॉल कर बताया कि माता-पिता दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। अंकिता घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। अंकिता के कहने पर अजीत ने दरवाजा तोड़ दिया और दोनों अंदर गए तो राकेश और उनकी पत्नी फंदे पर लटके थे।
पुलिस को कॉल की गई, जिसे टेबल पर रखे से दो अलग-अलग स्यूसाइड नोट मिले। इनमें लिखा था कि वह एक साल पहले यूपी के गोंडा स्थित अपने गांव जा रहे थे। सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। इस दौरान शरीर की कई हड्डियां टूट गईं थीं। अब दर्द सहन नहीं होता और बिस्तर पर पड़े रहने वाली जिंदगी से तंग आ गए हैं। पुलिस स्यूसाइड नोट कब्जे में लेकर छानबीन कर रही है। पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या ही मान रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि कुछ भी संदिग्ध नहीं है।