मुंबई में चिकनगुनिया के केस बढ़े, दो सालों में नहीं था एक भी मरीज, डेंगू भी चार गुना बढ़ा


मुंबई ब्यूरो। मुंबई में कोरोना भले ही नियंत्रण में आ गया हो, लेकिन अन्य बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। डेंगू के साथ- साथ चिकनगुनिया भी इन दिनों उफान पर है। बीएमसी स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते दो वर्षों से चिकनगुनिया का एक भी मरीज नहीं मिला था, लेकिन इस वर्ष महज 10 महीनों में चिकनगुनिया के 30 मरीज पाए गए हैं। बता दें कि डेंगू और चिकनगुनिया बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बने हैं। पिछले साल से कोरोना की रोकथाम में बीएमसी जुटी हुई है। बीएमसी के कड़े उपाय योजना के चलते बीते वर्ष डेंगी के मरीज नहीं बढ़ पाए थे। बीते वर्ष भर में डेंगू के 129 मरीज मिले थे, लेकिन इस वर्ष डेंगू के मामले में 4 गुना इजाफा देखा गया है। इस वर्ष महज 10 महीने में डेंगू के 573 मरीज मिले हैं। यही हाल चिकनगुनिया का भी रहा है। चिकनगुनिया इतनी तेजी से पैर पसार रहा है कि महज 10 दिन में इसकी संख्या दोगुनी हो गई है। सितंबर में चिकनगुनिया के 7 मरीज थे, जबकि 10 अक्टूबर तक यह संख्या बढ़कर 15 हो गई। बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चिकनगुनिया और डेंगी बीमारी के एक ही स्रोत हैं। दोनों बीमारी एडीज इजिप्टी मच्छर से फैलती हैं। हालांकि इस मच्छर की पैदावार घर में ही रखी वस्तु से होती है। बीएमसी कीटनाशक विभाग के प्रमुख राजन नारिंगरेकर ने बताया कि फेंगशुई प्लांट, एसी मशीन आदि जगहों पर जमा होने वाले पानी में एडीज इजिप्टी मच्छरों के लार्वा पनपते हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू के कुल मरीजों में से 80 फीसद मरीजों के घर में ही डेंगी मच्छरों के लार्वा मिले हैं।