प्रापर्टी डीलर मनीष हत्याकांडः निर्भया की वकील सीमा समृद्धि ने ली पीड़ित को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी, बिना फीस लड़ेंगी केस


गोरखपुर,(उत्तर प्रदेश)। जिले में हुए मनीष हत्याकांड का केस गोरखपुर से दिल्ली ट्रांसफर हो सकता है। कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष की पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। मनीष की मौत के बाद पत्नी को इंसाफ दिलाने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट की सबसे चर्चित वकील सीमा समृद्धि ने ली है। इसकी पुष्टि खुद मृतक मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने की है। निर्भया केस लड़कर दोषियों को फांसी दिलाने के बाद सीमा देशभर में सुर्खियों में आईं थीं। सीमा अब मनीष हत्याकांड मामले में केस लड़ेंगी, वह भी बिना फीस लिए। इसके लिए वह मनीष के परिवार से बात भी कर चुकी हैं।
बिना फीस लिए केस लड़ेंगी सीमा
मृतक मनीष के परिवार के मुताबिक सीमा समृद्धि बिना कोई फीस लिए मनीष हत्या कांड मामले का केस लड़ेंगीं। पीड़ित परिवार को इंसाफ़ दिलाने के लिए सीमा कुशवाहा ने इस केस को लड़ने की इच्छा भी जताई है। जबकि बहुत जल्द इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील भी कर सकती हैं।
निर्भया को इंसाफ दिलाने और दोषियों को फांसी दिलाने में सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा समृद्धि की बड़ी भूमिका थी। वह केस की शुरुआत से ही निर्भया की माता-पिता की वकील रही। सीमा समृद्धि ने सुप्रीम कोर्ट में रातभर दलीलें रखकर निर्भया के दोषियों को 20 मार्च की सुबह फांसी दिलाई थी। वह निर्भया ज्योति ट्रस्ट में कानूनी सलाहकार भी हैं। देश के नामी शिक्षण संस्थानों में से एक दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल करने वालीं सीमा ने 2014 में सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की थी। वह 24 जनवरी, 2014 को निर्भया ज्योति ट्रस्ट से जुड़ीं। इसके बाद से वह लगातार इससे जुड़ी हुई हैं। इसके साथ ही वे हाथरेप रेप कांड, उन्नाव गैंग रेप सहित कई चर्चित केसों को लड़ने का एलान कर चुकीं हैं।
पीड़ित परिवार में गोरखपुर पुलिस का खौफ
वहीं, 27 सितंबर की रात मनीष गुप्ता हत्याकांड कांड के बाद गोरखपुर पुलिस पर तमाम सवाल खड़े हुए थे। जबकि मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने साफ तौर पर यह कहा था कि उन्हें गोरखपुर पुलिस पर जरा भी भरोसा नहीं है। मीनाक्षी की मांगों को पूरा करते हुए सीएम योगी ने इस मामले की जांच कानपुर एसआईटी को सौंप दी।एसआईटी  फिलहाल मामले की जांच कर रही है। लेकिन पीड़ित परिवार और घटना के बाद मनीष के साथ मौजूद उनके दोस्तों में इस कदर खौफ हो गया है कि वह किसी भी हाल में गोरखपुर आने को तैयार नहीं हैं।
हालांकि एसआईटी मनीष के दोस्तों संग होटल के रूम नंबर 512 का सीन रिक्रिएशन कराना चाहती है, लेकिन वह आने को तैयार नहीं हुए। उधर, इस मामले में हत्यारोपी बनाए गए रामगढ़ताल थाने के इंस्पेक्टर जेएन सिंह सहित 6 पुलिस वालों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।