समलैंगिक युवकों को ऐप से जोड़कर करते थे लूटपाट, आशु जाट गिरोह के दो बदमाश गिरफ्तार



नोएडा ब्यूरो। सेक्टर-58 कोतवाली क्षेत्र में लूटपाट करने आए दो बदमाशों से रविवार दोपहर सेक्टर-62 में पुलिस की मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दीपांशु उर्फ दीपू जाट गोली लगने से घायल हो गया। दीपू कुख्यात बदमाश आशु जाट का चचेरा भाई है और 20 से अधिक लूट की वारदात कर चुका है, जबकि दूसरे बदमाश अमित पर भी लूट के पांच से अधिक मामले दर्ज हैं। दोनों बदमाश गांव छपरौला में किराये पर रह रहे थे। एडीसीपी रणविजय सिंह के अनुसार, एसीपी द्वितीय रजनीश कुमार वर्मा को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश सेक्टर-62 में वारदात को अंजाम देने के लिए खडे़ हैं। एसीपी सेक्टर-58 कोतवाली की टीम के साथ जयपुरिया रोड पर पहुंचे। उसी दौरान बाइक सवार बदमाश भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो बदमाशों ने गोली चला दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो दीपू के पैर में गोली लग गई, जबकि दूसरा बदमाश भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे भी पकड़ लिया। आरोपियों ने बताया कि वह लूटपाट करने आए थे। अमित भी आशु जाट के साथ रह चुका है और कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। दोनों के कब्जे से लूट के 9 मोबाइल, पल्सर बाइक व तमंचा बरामद हुआ है।
समलैंगिकों को बुलाकर लूटने की थी तैयारी
एडीसीपी ने बताया कि बदमाशों ने लूट का नया तरीका निकाला है। दोनों ने चीन के ब्लूड एप से लोगों से दोस्ती कर लूटने का काम शुरू किया था। इस एप पर समलैंगिकों को जोड़कर मिलने के बहाने बुलाकर लूटपाट की जाती थी। रविवार को खोड़ा के पास इसी तरह की लूट को अंजाम दिया जाना था। ब्लूड एप से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जोड़ा जा रहा था। इसके अलावा दोनों बदमाश मोबाइल और चेन भी लूटते थे।
पुलिस ने बताया कि आशु जाट ने गौरव चंदेल की लूट के विरोध में हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आशु डासना स्थित दीपू के घर पहुंचा था। गौरव से लूटी गाड़ी गाजियाबाद में खड़ी करके आशु दीपू के यहां रात भर रुका था। घटना के खुलासे पर पुलिस ने दीपू समेत माता-पिता को जेल भेज दिया था। इसी समय दीपू ने ठान लिया था कि वह आशु की तरह ही अपराध की दुनिया में उतरेगा। जमानत होने के बाद से दीपू लूटपाट करने लगा।