एक्शन में दिल्ली पुलिसः दिल्ली में बढ़ रही वारदातों को रोकने के लिए गैंगस्टरों और उनके गुर्गों पर सख्त एक्शन लेने की तैयारी


  • गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या के बाद दिल्ली में गैंगवॉर की आशंका गहराई
  • जेल से ऑपरेट कर रहे गैंगस्टरों और बेल पर बाहर आए बदमाशों पर कड़ी नजर
  • गैंगवॉर रोकने को गुर्गों की धर-पकड़ जारी, बदमाशों के बेल कैंसल कराए जा रहे
  • पर्याप्त सबूत मिलने पर मकोका लगातार जेल भेजने की तैयारी, वीसी से पेशी होगी
नई दिल्ली डेस्क। दिल्ली पुलिस रंगदारी, सुपारी मर्डर, जमीन कब्जाने, ड्रग्स तस्करी और गैंगवॉर की रोकथाम में जुट गई है। कमिश्नर राकेश अस्थाना ने गैंगस्टर और उनके गुर्गों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं। इसी योजना के तहत स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और जिलों के स्पेशल स्टाफ लगातार धर-पकड़ में लगे हैं। तिहाड़ जेल के भीतर से गैंग चला रहे गैंगस्टर और जमानत पर बाहर आए बदमाशों की निगरानी की जा रही है। जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने वाले बदमाशों की बेल कोर्ट से कैंसल करवाने को कहा गया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि रोहिणी कोर्ट में जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या होने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। गैंगवॉर की आशंका के मद्देनजर स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और सभी जिलों को शातिर गैंगस्टर्स और उनके गुर्गों की विस्तार से लिस्ट बनाने को कहा गया है। हालिया वारदातों में शामिल बदमाशों ने खुलासा किया कि वे जेलों में बैठे गैंगस्टरों के इशारे पर काम करते हैं। गैंगस्टर फोन के जरिए अपने गैंग के संपर्क में रहते हैं। इसलिए जेल में बंद गैंगस्टर और उनके गुर्गों की सूची बनाई जा रही है।
अफसरों का दावा है कि दिल्ली की जेलों में 2000 से ज्यादा मोबाइल फोन एक्टिव हैं। जेल में फोन पहुंचने की वजह से ही गैंगस्टर भीतर रहकर भी गैंग चला रहे हैं। कई शातिर अपराधियों के फोन सर्विलांस पर भी हैं। लेकिन जेल में कई फोन ऐसे चल रहे हैं, जो पुलिस के रेडार पर नहीं आ पा रहे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वॉट्सऐप और फेसबुक से होने वाली कॉल और चैटिंग का तोड़ तो उनके पास है। लेकिन सिग्नल, टेलिग्राम, बोटिम और विकर जैसे ऐप को वह क्रैक नहीं कर पा रहे। जेल में बैठे गैंगस्टर इन्हीं ऐप का इस्तेमाल कर चारदीवारी में बंद होने के बावजूद अपने गैंगों को आसानी से चला रहे हैं।
पुलिस हेडक्वॉर्टर के सूत्रों ने बताया कि कमिश्नर ने राजधानी में चल रहे अधिकतर गैंग और उनके गुर्गों की कुंडली खंगालने को कहा है। अगर इनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो मकोका लगाकर जेल भेजने के निर्देश दिए हैं। अफसरों का मानना है कि मकोका लगने से इनका जमानत पर बाहर निकलना मुश्किल होगा और वारदात में कमी आएगी। दिल्ली पुलिस ने 2020 में 8 गैंगस्टरों पर मकोका लगाया था। इस साल भी कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा और संदीप उर्फ काला जठेड़ी पर मकोका लगाया है।
रोहिणी कोर्ट में गोगी हत्याकांड सरीखी वारदातों पर रोक लगाने के लिए हाई रिस्क कैदियों की पेशी जेल से ही विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराने की व्यवस्था करने को कहा गया है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के कई नामी बदमाश दिल्ली की जेलों में बंद हैं, जिन पर दूसरे गैंग के गुर्गों के हमला करने और फरार होने की आशंका बनी रहती है। कुलदीप उर्फ फज्जा के जीटीबी अस्पताल से फरार होने के बाद अब गैंगस्टरों की पेशी के लिए थर्ड बटैलियन के जवानों अलावा स्पेशल सेल को भी बुलाया जाता है। ऐसे में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी बेहतर विकल्प है।
फरार बदमाशों की धर-पकड़ जल्द सुनिश्चित करने के लिए उन पर रखी इनामी राशि में इजाफा किया जाएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इससे पुलिसकर्मियों में धर-पकड़ के लिए होड़ लगेगी। पुलिसकर्मियों के बीच इनामी राशि के बंटवारे के पैटर्न को भी बदला जा रहा है। पहले जो टीम इनामी बदमाश पकड़ती थी तो उस टीम में शामिल बड़ी रैंक वाले को ज्यादा इनाम मिलता था। लेकिन अब जिसके इनपुट पर बदमाश पकड़ा जाएगा, इनाम में उसकी हिस्सेदारी ज्यादा होगी। यही नहीं, उन जांच अधिकारियों को भी इनाम देने का फैसला किया गया है, जो अपराधियों को सजा कराने में सफल होंगे।