विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी, इंटरव्यू-नियुक्ति पत्र सब फर्जी


गाजियाबाद ब्यूरो। विदेश में अच्छे पैकेज पर नौकरी का झांसा देकर ठगने वाला गैंग सक्रिय है। आवेदन से लेकर वीजा कंफर्मेशन तक की सारी प्रक्रिया होगी, लेकिन सब फर्जी है। देशभर के लोगों को ठगने वाले इस गैंग ने गाजियाबाद के गुलधर निवासी पवन कुमार से भी 80 हजार रुपये ठग लिए। ठगी का पता लगने पर पीड़ित ने मधुबन बापूधाम थाने में केस दर्ज कराया है।
पवन कुमार का मूलरुप से कानपुर निवासी पवन कुमार संजयनगर सेक्टर-23 के गुलधर सेकेंड में रहकर प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2020 में उन्हें शाइन डॉट कॉम कंपनी की तरफ से मेल आया। उसमें सिंगापुर की कोंटिनेंटल ऑटोमेटिव इंडस्ट्रीज प्रा.लि. कंपनी में ऑपरेशन हेड की भर्ती का जिक्र था। उन्होंने भर्ती के लिए आवेदन कर दिया।
आवेदन करने के दो दिन बाद उनके पास एक कॉल आई। कॉलर ने खुद को आईआरएस कंसलटेंसी एजेंसी से अमित रावत बताया। उसने कहा कि उनका रिज्यूम चयनित कर लिया गया है। दो दिन बाद सिंगापुर से उनका ऑन कॉल इंटरव्यू होगा। अमित रावत ने कांफ्रेंस के जरिये किसी विदेशी से बात कराई, जिसनें अंग्रेजी में उनका इंटरव्यू लिया। कुछ दिन बाद विदेशियों ने इसी तरह से दोबारा इंटरव्यू लिया।
पवन कुमार का कहना है कि 80 हजार रुपये देने के बाद उनसे फ्लाइट के टिकट के आधे पैसे के नाम पर 25 हजार रुपये मांगे तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने और पैसे देने में असमर्थता जताते हुए रकम वापस मांगी तो कॉल कट गई। इसके बाद अमित रावत का मोबाइल बंद हो गया, जो अब तक बंद आ रहा है। कहना है कि झांसे में लेने के लिए उन्हें पहले ऑफर लेटर भेजा गया। इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, सिंगापुर और भारत सरकार के दस्तावेज भेजे गए। इनमें भारत की मिनिस्ट्री ऑफ कार्पोरेट अफेयर्स की वेरिफिकेशन का दस्तावेज भी शामिल है। दस्तावेजों की जांच कराई गई तो सब फर्जी निकले।
एसपी सिटी का कहना है कि विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आने पर मधुबन बापूधाम थाने में केस दर्ज किया गया है। मोबाइल नंबर, खाता संख्या और यूपीआई आईडी के जरिये गैंग तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।