कानपुर के डीएम मरीज बनकर पहुंचे अस्‍पताल, लेटलतीफ डॉक्‍टरों और गंदगी पर भड़के


कानपुर ब्यूरो। कानपुर के डीएम विकास जी अय्यर मंगलवार सुबह मरीज बनकर उर्सला अस्पताल पहुंचे। डीएम मुंह पर मास्क लगाकर आम नागरिक की तरह लाइन में लगे, और आंखों की चेकअप का ओपीडी का पर्चा बनवाया। नेत्र विभाग के डॉक्टर आरपी शाक्य और डॉ एमएस लाल के केविन के बाहर बैठकर इंतजार करने लगे। डीएम ने लगभग 45 मिनट तक इंतजार किया, लेकिन जिम्मेदार डॉक्टर समय से नहीं आए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर की साफ-सफाई की अव्यवस्थाओं को देखकर भड़क गए। डीएम ने उर्सला की डायरेक्टर डॉ. किरन सचान से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही सीएमओ से भी व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की है। डीएम विकास जी अय्यर घूम-घूम कर पूरे अस्पताल का निरीक्षण करते रहे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के स्टाफ से डॉक्टरों और साफ-सफाई के संबंध में आम नागरिक बनकर बातचीत की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे भी ज्यादा हैरानी बात ये है कि अस्पताल का स्टॉफ और डॉक्टर उन्हें पहचान नहीं सके। उन्होंने देखा कि कई विभागों के बाहर मरीजों और तीमारदारों के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं है।
कानपुर डीएम विकास जी अय्यर ने उर्सला अस्पताल के वार्डों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि वार्डों की व्यवस्था भी राम भरोसे है। वार्डों में गंदगी का अंबार था, कोई किसी की बात सुनने को तैयार है। मरीजों और तीमारदारों को संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। डीएम ने देखा कि 9 बजे से मरीज आने लगते हैं, इससे पहले सफाई व्यवस्था नहीं की गई थी। डीएम ने उर्सला अस्पताल की डायरेक्टर डॉ किरन सचान को कॉल कर अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही डॉक्टरों के समय पर नहीं आने और साफ-सफाई नहीं होने का स्पष्टीकरण मांगा है। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सीएमओ से भी कहा है।