दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी मो. अशरफ का साथ देने के आरोप में शास्त्री पार्क से एक मौलवी को पकड़ा


राजीव गौड़,(दिल्ली ब्यूरो)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान के गिरफ्तार आतंकी मो. अशरफ का साथ देने के आरोप में शास्त्री पार्क से एक मौलवी को उठाया है।  मौलवी को बृहस्पतिवार को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही था। वह पाकिस्तान आतंकी मोहम्मद अशरफ उर्फ अली अहमद नूरी के साथ घूमता था और कई कामों में उसकी सहायता करता था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मौलवी मो.अशरफ  की किस तरह सहायता करता था। क्या वह भी किसी वारदात में शामिल रहा है। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों ने मौलवी को पूछताछ में हिरासत में लेने की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी पूछताछ की जा रही है।  दूसरी तरफ स्पेशल सेल की जांच में ये बात सामने आया है कि मेरठ समेत पश्चिमी उत्तरप्रदेश के कई युवक आतंकी मो. अशरफ के संपर्क में थे। स्पेशल सेल ने 12 अक्तूबर को मोहम्मद अशरफ को गिरफ्तार किया है उस दिन से इन युवकों के मोबाइल बंद हो गए हैं। इनमें से एक युवक मेरठ के पास स्थित एक गांव का रहने वाला है। इस युवक का मोबाइल भी 12 अक्तूबर से बंद है। इस युवक ने मोहम्मद अशरफ के साथ काम किया है। वह कई जगह आतंकी के साथ गया है। उसने आतंकी का हवाला का काम किया है। 
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इन युवकों को पकडने के लिए मेरठ समेत पश्चिमी उत्तरप्रदेश में बृहस्पवितार देर शाम तक दबिश दे रही थीं। ये युवक पैसे व अन्य तरीके से मो. अशरफ की सहायता करते थे। इन युवकों को पता था कि मोहम्मद अशरफ पाकिस्तानी है, इसके बावजूद इन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को सूचना नहीं दी। 
स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मो. अशरफ ने अन्य आतंकियों के साथ हैदरपुरा, श्रीनगर में सेना के छह जवानों का गला रेत कर उन्हें जिंदा जला दिया था। इसके साथ दिल्ली हाईकोर्ट बम धमाकों का आरोपी गुलाम सरबर भी था। इसने अन्य साथियों के साथ वहां से गुजर रही सेना की तीन जिप्सियों में से पिछले वाली जिप्सी पर बस्ट फायर किया था। इससे छह जवान घायल हो गए थे। इसके साथियों ने जवानों का गला रेत दिया था और फिर उनको पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। दिल्ली पुलिस ने जब मिलिट्री इंटेलीजेंस(आईएम) से इस घटना के बारे में पूछा तो आईएम ने इस तरह की जून, 2013 में इस तरह की घटना होने की पुष्टि की है।