रंगीन तस्वीरें मुहैया न कराने पर कोर्ट ने उत्तर पूर्वी जिला डीसीपी को कारण बताओ नोटिस किया जारी


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली दंगे के एक मामले में आरोपित को रंगीन तस्वीरें मुहैया कराने के निर्देश का पालन न करने पर कड़कड़डूमा कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई है। साथ ही जांच अधिकारी और उत्तर पूर्वी जिले के डीसीपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि निर्देशों का पालन न करने पर दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत क्यों न उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। गत वर्ष दंगे के दौरान करावल नगर इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। इस मामले की पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया था कि सभी आरोपितों को आरोपपत्र की प्रति के साथ मामले से जुड़ी रंगीन तस्वीरें और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मुहैया करा दी जाए।
आरोपित विनोद के वकील ने मुख्य महानगर दंडाधिकारी अरुण कुमार के कोर्ट को बताया कि पुलिस ने उनके मुवक्किल को आरोपपत्र की प्रति और केवल चार रंगीन तस्वीरें मुहैया कराई हैं। बाकी रंगीन तस्वीरें नहीं दी गई हैं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जांच अधिकारी और उत्तर पूर्वी जिले के डीसीपी दंगों से जुड़े मामलों में आरोपितों को समयबद्ध तरीके से उचित पावती के साथ रंगीन तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराने के निर्देश का पालन करने में विफल रहे हैं।
दोनों अपना-अपना स्पष्टीकरण पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त के माध्यम से दाखिल करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कारण बताओ नोटिस को लेकर यदि दोनों अधिकारी व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं तो वह अगली सुनवाई में 28 अक्टूबर को उपस्थित रहें। इसमें विफल होने पर बगैर मौका दिए कानून के अनुसार उचित आदेश पारित किया जाएगा। साथ ही जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वह सभी तस्वीरों की रंगीन प्रति आरोपित विनोद को मुहैया कराकर उसकी पावती जरूर लें।