गाजियाबाद में सूदखोरों की धमकी से तंग आकर बिल्डर ने की आत्महत्या


गाजियाबाद ब्यूरो। जिले के साहिबाबाद में सूदखोरों की धमकी से तंग आकर डीएलएफ कॉलोनी में बिल्डर धर्मेंद्र कुमार ( 46) ने मंगलवार दोपहर पंखे से लटकर जान दे दी। सात पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा, दो सूदखोर धमकी दे रहे हैं, तेरी पत्नी को झूठे केस में फंसा देंगे और बच्चों की हत्या करा देंगे। उनसे तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। 10 फीसदी की दर से सूद ले रहे थे। कर्ज चुकाने में देरी हो गई तो दबाव बनाने लगे। मूलरूप से मेरठ के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार डीएलएफ कॉलोनी ए ब्लॉक में 2 साल से पत्नी मोनिका और बेटे लक्की के साथ तीन मंजिला मकान रहते थे। ऊपर की दो मंजिलें किराये पर दे रखी थीं। धर्मेंद्र का बड़ा बेटा फरीदाबाद में एयर टिकटिंग का का कोर्स कर रहा है। धर्मेंद्र कई दिन से तनाव में थे। खुदकुशी के वक्त  घर में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। पड़ोसी ने घर के दरवाजे खुले होने पर इसकी सूचना उनके भाई दीपक को दी। राजनगर एक्सटेंशन से दीपक मौके पर पहुंचे तो उन्हें कमरे में धर्मेंद्र पंखे पर लटके मिले। इसके बाद उन्होंने भाभी मोनिका और परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी दी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिवार को सौंप दिया। उन्होंने परिवार और रिश्तेदारों के साथ धर्मेंद्र के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
इस घटना के बाद पत्नी मोनिका और परिवार के लोगों का रो रो कर बुरा हाल है। इस बीच छोटे बेटे लक्की की अचानक तबीयत खराब होने पर उसे बुआ के घर भेज दिया गया। फिलहाल दोनों बेटे और मोनिका ने मामले में दोनों सूदखोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। मोनिका और दीपक ने बताया कि धर्मेंद्र ने 2 साल पहले लोनी के रिस्तल गांव निवासी नरेश और प्रवीण से किसी काम के लिए 3 लाख रुपये का कर्जा लिया था। आरोप है कि दोनों 10 प्रतिशत प्रति माह का ब्याज वसूलने के बावजूद धर्मेंद्र पर लगातार दबाव बना रहे थे। इतना ही नहीं, दोनों सूदखोर घर पर आकर धर्मेंद्र से बदतमीजी भी करते थे। इस से परेशान होकर उन्होंने सुसाइड नोट लिख कर आत्महत्या कर ली।  मोनिका अपने छोटे बेटे लक्की (11वी कक्षा का छात्र) को साथ लेकर फरीदाबाद में मायके गई हुई थी। बिल्डर धर्मेंद्र कुमार ने अपने सुसाइड में लिखा है कि ‘मैं धर्मेंद्र कुमार अपनी जिंदगी को खत्म कर रहा हूं। प्रशासन से यह उम्मीद करता हूं कि मुझे न्याय मिलेगा। मैंने नरेश और और प्रवीण से कर्ज लिया था। वे  मेरे फ्लैट का बदमाशी से एग्रीमेंट कराना चाहते थे। मैंने उन्हें अपना सोना बेचकर पैसे दिए लेकिन उनका पेट नहीं भर रहा था। वो मुझे इतना टॉर्चर ( ब्लैकमेल) कर रहे थे कि मेरी पत्नी को और मुझे मार देंगे। उनके पास अवैध हथियार भी हैं। वे कहते थे कि तेरी पत्नी को जेल करा देंगे तेरे बच्चों को मार देंगे।  मेरा परिवार मुझे बहुत प्यार करता है शायद मैं उनके अनुरूप उन्हें निराश कर रहा हूं। मुझे माफ कर देना। उन्हें किसी कारण भी परेशान ना किया जाए। मेरी फाइल सोडी के पास है, प्लीज मेरे किसी फ्रेंड को परेशान मत करना।