एक ही नंबर प्लेट पर चल रही दो स्कॉर्पियो, छह बार चालान


नोएडा ब्यूरो। यातायात नियमों का पालन करने के बावजूद डेढ़ साल में छह चालान से परेशान दिल्ली के युवक ने फेसबुक पर लाइव वीडियो और ट्वीट कर शिकायत की है। उसका आरोप है कि उसकी स्कॉर्पियो के नंबर से दूसरी स्कॉर्पियो चलाई जा रही है जो नियमों का उल्लंघन करती है और खामियाजा उसे भुगतना पड़ रहा है। पीड़ित का आरोप है कि मामले की शिकायत ऐच्छर पुलिस चौकी, बीटा-2 थाने में भी की, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
मूल रूप से ग्रेटर नोएडा के सलेमपुर निवासी सचिन कुमार दिल्ली मयूर विहार विनोद नगर में परिवार के साथ रहते हैं। सचिन ने बताया कि शादी में उन्हें स्कॉर्पियो मिली थी, जो पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है। आरोप है कि उनकी गाड़ी का पिछले डेढ़ साल में छह से अधिक बार चालान हो चुका है। जबकि, जिन स्थान पर चालान दर्शाए गए हैं, वहां कभी गए नहीं है। 9 अक्तूबर को उनके मोबाइल पर ग्रेनो के साइट-4 स्थित सर्विस सेंटर से मैसेज आया। इसमें उनकी स्कॉर्पियो के सर्विस के लिए पहुंचने की जानकारी मिली। उन्होंने सर्विस सेंटर पर संपर्क किया तो कर्मचारियों ने बताया कि स्कॉर्पियो गाजियाबाद के कवि नगर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल का बेटा लेकर आया है। इसके बाद कर्मचारियों ने सर्विस होल्ड कर दी। 10 अक्टूबर को सचिन सर्विस सेंटर पहुंचे और उन्होंने यहां अपनी व दूसरी स्कॉर्पियो का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। पीड़ित का कहना है कि उनकी गाड़ी के नंबर से चल रही दूसरी स्कॉर्पियो की सूचना 112 पर कॉल कर दी। पुलिसकर्मी पहुंचे और संबंधित चौकी पुलिस को बुलाया, लेकिन कोई नहीं आया। इसके बाद वह ऐच्छर चौकी पहुंचे। वहां भी सुनवाई नहीं हुई। बीटा-2 थाने में भी किसी ने उनकी शिकायत नहीं ली। 11 अक्टूबर को वह एसीपी ऑफिस पहुंचे, लेकिन बाहर मौजूद पुलिसकर्मी ने मिलने नहीं दिया।सचिन ने बताया कि उनकी गाड़ी के नंबर से चल रही दूसरी स्कॉर्पियो दिल्ली के रोहिणी से चोरी की गई है। उसका बीमा क्लेम भी वाहन मालिक ले चुका है। कवि नगर पुलिस ने जानकारी दी है कि स्कॉर्पियो का चेसिस नंबर साफ नहीं है। पीड़ित ने पुलिसकर्मियों पर उनके गांव सलेमपुर पहुंचकर समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
तीन दिन पहले मीडिया में मामला आने के बाद बृहस्पतिवार को गाजियाबाद पुलिस ने जानकारी दी कि प्रकरण से संबंधित गाड़ी एक जून 2020 को लावारिस मिली थी। कवि नगर थाने में यह दर्ज है। 28 सितंबर को नियमानुसार नीलामी के बाद कबाड़ी सरवर अली ने गाड़ी खरीदी। इस वाहन पर पुलिस व दूसरे वाहन का नंबर क्यों लिखा है। पुलिसकर्मी बलराज सिंह की क्या भूमिका है। इसकी जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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