सशस्त्र सेनाओं के बीच समन्वय के लिए प्रतिबद्ध है वायु सेना : एयर चीफ मार्शल


नयी दिल्ली। एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय वायु सेना तीनों सेनाओं की संयुक्त कमान की पहल के लिए प्रतिबद्ध है और तीन बलों के अहम पहलुओं पर गौर करते हुए इस पर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। आठ अक्टूबर को वायु सेना दिवस के पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना पूर्वी लद्दाख में किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और क्षेत्र में चीन द्वारा बनाए गए नए बुनियादी ढांचों का भारत की युद्धगत तैयारी पर असर नहीं पड़ेगा।
वायु सेना प्रमुख ने कहा कि भारत, चीन और पाकिस्तान के साथ ‘‘दो मोर्चों’’ पर युद्ध की किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और वायु सेना की संपूर्ण युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। तीनों सेनाओं की संयुक्त कमान पर उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है लेकिन नयी संरचनाएं बनाने से पहले चर्चा किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘तीनों सेनाओं के बीच विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की जा रही है।’’ तीनों सेवाओं की क्षमताओं में समन्वय और उनके संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करने के लिए थिएटर कमान की योजना बनायी जा रही है।
धरी ने कहा कि राफेल विमान और विभिन्न हथियारों के बेड़े में शामिल होने से भारतीय वायु सेना की आक्रमण क्षमता और अधिक शक्तिशाली हो गयी है। कोयम्बटूर में कथित दुष्कर्म मामले पर उन्होंने कहा कि कोई ‘टू फिंगर’ जांच नहीं की गयी और मामले की जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि कोयम्बटूर में भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी पर 10 सितंबर को एक महिला सहकर्मी के यौन शोषण का आरोप लगा है। 28 वर्षीय महिला वायु सेना अधिकारी ने वायु सेना प्राधिकारियों के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए जिसमें उसका प्रतिबंधित ‘टू फिंगर’ जांच करना और आरोपी फ्लाइट लेफ्टिनेंट के खिलाफ शिकायत वापस लेने का दबाव डालना भी शामिल है।