कानपुर का लाल कोलकाता में हुआ शहीद, पिता का आरोप- तस्करों ने बेटे को नदी में फेंका


कानपुर,(उत्तर प्रदेश)। कानपुर का लाल कोलकाता की पद्मा नदी में ड्यूटी करते वक्त शहीद हो गया। परिवार को बेटे की शहादत की खबर मिली तो कोहराम मच गया। बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी की हालत बिगड़ गई। बीएसएफ के अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी थी कि शैलेंद्र का नाव से पैर फिसल गया, और गहरे पानी में चले जाने के कारण डूबने से मौत हो गई। वहीं शैलेंद्र के पिता का कहना है कि तस्करों से बेटे ने मोर्चा लिया था। तस्करों ने शैलेंद्र को पानी में डुबो कर मारा और फिर नदी में फेंक दिया।
नौबस्ता थाना क्षेत्र के मछरिया में रहने संतोष दुबे यूपी पुलिस विभाग से दारोगा के पद से रिटायर्ड हैं। संतोष दुबे का बड़ा बेटा शैलेंद्र कोलकत्ता की 78 वीं बटालियन मुशीदाबाद मालदा में तैनात था। शैलेंद्र 2004 में बीएसएफ में कांस्टेबल के पद भर्ती हुए थे। परिवार में मां रानी, पत्नी मीनू, बेटी शिवानी (05), बेटा शिवांश (03) के साथ दो छोटे भाई हैं। परिवार ने बताया कि गुरूवार को कोलकत्ता से फोन आया था, और इस घटना की जानकारी मिली थी। संतोष दुबे ने बताया कि मझला बेटा आदेश और उसके दोस्त कोलकत्ता गए हैं। मुझे जानकारी मिली है कि बीएसएफ के जवान शैलेंद्र के पार्थिव शरीर को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट आएंगे। इसके बाद दिल्ली से सड़क के रास्ते पार्थिव शरीर को नौबस्ता स्थित आवास पर लाया जाएगा। शुक्रवार शाम तक बेटे का शव घर आ जाएगा, और शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
संतोष दुबे ने बताया कि मुझे शैलेंद्र के दोस्तों से गुप्त जानकारी मिली है कि गश्त के दौरान तस्करों से मारपीट हुई थी। वहां के तस्करों ने बेटे को नदी में फेंक दिया, और उसका असलहा लूट कर ले गए। दोस्तों ने कहा है कि मेरा नाम गुप्त रखा जाए वर्ना मेरी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। मेरे मझले बेटे की डिप्ट कमांडेंट से बात हुई, उसने कहा कि आप तथ्यों को छिपा रहे हैं। इस दौरान काफी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद डिप्टी कमांडेंट ने जांच कराने की बात कही है।