साइबर क्राइम के शिकारों को अब भटकना नहीं पडे़गा, दिल्ली पुलिस हर जिले में बनाएगी अलग थाने


दिल्ली ब्यूरो। कोरोना काल के बाद दिल्ली में साइबर अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। साइबर स्टॉकिंग, मॉर्फिंग और ब्लैकमेलिंग, अकाउंट हैंकिंग जैसे अपराधों का ग्राफ भी तेजी से चढ़ता जा रहा है। साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए अब दिल्ली पुलिस एक नई पहल करने जा रही है। जल्द ही दिल्ली के हर पुलिस जिले में एक अलग साइबर पुलिस स्टेशन खोला जाएगा। यह पुलिस स्टेशन क्षेत्रीय पुलिस स्टेशनों से पूरी तरह अलग होंगे और यहां का स्टाफ पूरी तरह से साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए ही काम करेगा। साइबर अपराधों की शिकायत के लिए भी लोगों को इधर-उधर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे सीधे अपने जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में जाकर साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना की निगरानी में दिल्ली पुलिस में नई पहल की जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने एक प्रस्ताव तैयार कर गृह मंत्रालय को भेजा है। मंजूरी मिलते ही साइबर पुलिस स्टेशनों की शुरुआत कर दी जाएगी।
दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (क्राइम) देवेश श्रीवास्तव की देखरेख में इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। साइबर यूनिट के जॉइंट कमिश्नर प्रेम नाथ भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं। जल्द ही सभी जिलों में एक-एक करके ये पुलिस स्टेशन खुलने शुरू हो जाएंगे, जिसके बाद जिलों की साइबर क्राइम सेल स्टाफ भी इन्हीं साइबर पुलिस स्टेशनों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। रविवार को विवेक विहार इलाके में आयोजित एक सुरक्षा सभा के दौरान साइबर अपराधों की रोकथाम पर चर्चा करते हुए शाहदरा जिले के डीसीपी आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि इससे साइबर अपराधों में काफी कमी आएगी और लोगों की शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया होगा।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के हर जिले में एक साइबर पुलिस स्टेशन होगा। साइबर अपराधों से जुड़ीं तमाम शिकायतें इसी थाने में दर्ज होंगी। अभी साइबर क्राइम के मामले में लोगों के पास शिकायत दर्ज करने दो तरीके हैं। या तो लोग सीधे स्थानीय पुलिस थाने में जाकर कंप्लेंट दर्ज कराते हैं या फिर नैशनल साइबर क्राइम रिपोट्रिंग पोर्टल पर कंप्लेंट देते हैं, जिसके बाद जियो टैग होकर वह कंप्लेंट अपने आप संबंधित इलाके के पुलिस थाने में चली जाती है। उसके बाद लोकल पुलिस केस दर्ज करके उसमें आगे की कार्रवाई करती है। अब इस तरह की सारी शिकायतों को जिलों के साइबर पुलिस स्टेशन ही देखेंगे।
हर थाने में एक एसएचओ के अलावा जांच के लिए ट्रेंड एसआई और एएसआई भी रहेंगे। थानों में अलग से कई जांच टीमें और प्रॉसिक्यूशन टीमें भी होंगी, जिसमें अलग-अलग तरह के साइबर और साइबर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स भी शामिल होंगे। इन थानों में पर्याप्त संख्या में ट्रेंड स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा। दिल्ली पुलिस की साइपैड यूनिट पिछले एक साल से इस दिशा में काम कर रही है, ताकि साइबर पुलिस स्टेशनों में ट्रेंड स्टाफ की कमी महसूस न हो। इसके लिए हर जिले में अच्छी संख्या में एसआई और इंस्पेक्टरों को ट्रेंड किया गया है, जिन्हें आगे चलकर इन्हीं साइबर पुलिस स्टेशनों में तैनात किया जाएगा।