बिंदापुर का डॉली हत्याकांड : एकतरफा प्यार में कर डाली बचपन की दोस्त की हत्या


दिल्ली ब्यूरो। बिंदापुर थाना क्षेत्र में युवती की चाकू से गोदकर हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्या की वारदात के बारे में पुलिस को 19 अक्टूबर देर रात 2.26 बजे जानकारी मिली थी। पुलिस ने कई सीसीटीवी खंगालकर आरोपियों के रूट को तलाश किया और उन्हें पकड़ लिया।
बिंदापुर में डॉली हत्याकांड का मुख्य आरोपी अंकित बहुत कम उम्र से डॉली से प्यार करता था। लेकिन डॉली ने कभी अंकित से नजदीकियां नहीं बढ़ाईं। यहां तक सभी दोस्त तो जरूर थे, लेकिन डॉली अंकित को पसंद नहीं करती थी। अंकित इलाके के आवारा और बदमाश लड़कों के साथ रहता था। घटना वाले दिन अंकित ने डॉली को प्रोपोज किया तो उसने अंकित को आड़े हाथों लेकर उल्टा उसकी बहन के बारे में अपशब्द कह दिए। दरअसल अंकित की बहन व डॉली के भाई लक्ष्य के बीच पहले दोस्ती थी, लेकिन अब दोनों के बीच अनबन भी थी। 
बहन के बारे में अपशब्द कहने पर अंकित एकदम पागल हो गया। वह चाकू लेकर डॉली के पीछे भागा। इस दौरान वहां मौजूद हिमांशु और मनीष ने डॉली को बचाने का प्रयास नहीं किया। एक अन्य युवक डॉली को बचाने का प्रयास कर रहा है। माना जा रहा है कि वह युवक डॉली का ब्वॉयफ्रेंड विक्रांत था। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
डीसीपी द्वारका शंकर चौधरी के अनुसार, हत्या की यह वारदात एक पार्टी के बाद हुई थी। इस पार्टी में डॉली, हिमांशु, मनीष और अंकित शामिल हुए थे। पार्टी डॉली के घर के पास एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की छत पर हुई थी। पार्टी के दौरान अंकित और डॉली में किसी बात को लेकर बहस हुई। इसी बहस के बाद दोनों में झगड़ा बढ़ गया और झगड़े के बाद अंकित ने दोस्तों की मौजूदगी में ही डॉली पर चाकुओं से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात में एक सीसीटीवी फुटेज भी बुधवार को सामने आया है। इसमें दिखाई दे रहा है कि एक युवक डॉली पर चाकू से वार कर रहा है। कुछ लोग उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। डॉली बचने के लिए भाग रही है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटनास्थल के पास से एक डिलिवरी बॉय गुजर रहा था। उसने जब युवती को घायल अवस्था में जमीन पर देखा तो उसने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डीसीपी द्वारका ने कई टीमों का गठन किया। सूचना और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में कई जगह छापेमारी की और अंत में स्पेशल स्टाफ द्वारका के इंस्पेक्टर नवीन कुमार की टीम ने आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ चाकू भी बरामद कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली कि हिमांशु और मनीष द्वारका मोड़ के पास छिपे हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद दोनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अंकित को पकड़ा। अंकित ग्रैजुएट है और मेडिकल स्टोर में कॉस्मेटिक सामान सप्लाई करता है।
अंकित को पकड़ने के दौरान उसने एक बिल्डिंग की छत से छलांग लगा दी। इसमें उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। अंकित इस मामले में मुख्य आरोपी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पकड़ने के लिए छह टीमें बनाई गई थीं। पुलिस ने कई सीसीटीवी खंगालकर उनकी जांच की। पता चला कि कि तीनों आरोपी वारदात के बाद पैदल विकास नगर की तरफ भागे हैं। पुलिस का कहना है कि गुमराह करने के लिए आरोपियों ने कहानी गढ़ी कि आनंद विहार जाने के लिए उन्होंने ऑटो लिया। यहां उन्हें कोई बस नहीं मिली। इसके बाद वे आईएसबीटी पहुंचे और वहां से चंडीगढ़ और फिर चंडीगढ़ से पटियाला चले गए। हालांकि, तीनों आरोपियों को दिल्ली से ही गिरफ्तार किया गया।