एक करोड़ रुपये की रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी को 100 गोली मारने की धमकी, टिल्लू गैंग के 4 बदमाश गिरफ्तार


दिल्ली ब्यूरो। एक करोड़ रुपये की रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी की कार पर गोलीबारी कर धमकी देने के मामले में 4 आरोपियों को स्पेशल स्टाफ ने गिरफ्तार किया है। ये चारों गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया गैंग के शार्प शूटर हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नया बांस निवासी जयंत मान, नरेला निवासी आकाश खत्री, रवि पराशर और बख्तावरपुर निवासी राहुल के रूप में हुई है। इनमें रवि पाराशर नाम का आरोपी टेंपो चलाता है। वह कारोबारी की फैक्ट्री से सामान लोड अपलोड करता था। रोहिणी सेक्टर-7 निवासी कारोबारी की बवाना और सोनीपत में फैक्ट्री है। अप्रैल में उन्होंने नॉर्थ रोहिणी थाने में रंगदारी मांगे जाने की शिकायत दी थी। जांच में पता चला कि आकाश और जयंत दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट की पढ़ाई कर चुके हैं। जयंत कॉलेज की छात्र राजनीति में सचिव पद के लिए चुनाव लड़ चुका है। वह सुनील उर्फ टिल्लू नाम के बदमाश का दोस्त है।
डीसीपी प्रणव तायल के मुताबिक, कारोबारी ने धमकी भरी कॉल के बारे में बताया कि 8 अप्रैल को चीकू नाम के शख्स ने उन्हें वॉट्सऐप कॉल कर खुद को टिल्लू गैंग का साथी बताया और एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। ऐसा नहीं करने पर 100 गोली मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए तिहाड़ जेल में बंद हिम्मत उर्फ चीकू से पूछताछ की और उसे इस मामले में गिरफ्तार कर लिया। उसके सेल से पुलिस को मोबाइल फोन मिला, जिससे कारोबारी को धमकी दी गई थी। उसके बाद 23 अगस्त को बदमाश ने कारोबारी के घर पर पार्क उसकी कार पर 5 गोली चलाईं। बदमाश वहां एक पर्ची छोड़कर गए। जिसमें एक करोड़ रुपये देने के लिए कारोबारी को तीन दिन का समय दिया गया था। स्पेशल स्टाफ ने घटनास्थल के आस पास सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला। जिसमें बदमाश की बाइक दिखी। नंबर की जांच करने पर पता चला कि बाइक बेगमपुर इलाके से चोरी की गई है। उधर, जेल में बंद आरोपी हिम्मत को दो दिन की रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ की। जिसमें उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। जांच में पता चला कि टेंपो चलाने वाले रवि पराशर ने बदमाशों को कारोबारी के बारे में जानकारी और उसका फोन नंबर दिया था। वह आकाश खत्री और जयंत मान का दोस्त है। जयंत मान हिम्मत के चचेरे भाई सुनील मान का कॉलेज का दोस्त है और हिम्मत से उसकी गहरी दोस्ती है। वह लगातार जेल में बंद हिम्मत से मिलने जाता था। उसने ही रंगदारी मांगने के लिए रवि से मिले कारोबारी का नंबर हिम्मत को जेल में दिया था। राहुल ने हिम्मत को फर्जी नाम पर सिम मुहैया करवाई थी और वॉट्सऐप के लिए ओटीपी नंबर दिया था। वहीं, आकाश खत्री ने कारोबारी के घर पर गोलीबारी की थी।


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