कड़कड़ाती ठंड में ठिठुर रहे हजारों शरणार्थी, पोलैंड के सीमा पर तैनात 12 हजार सैनिक


पोलैंड। पोलैंड ने बेलारूस के साथ लगने वाली पूर्वी सीमा पर प्रवासियों को देश में घुसने से रोक दिया है। इस बीच एक वीडियो भी सामने आ रही है जिसमें हजारों की संख्या में प्रवासी कांटेदार सीमाओं के पास खड़े है और अंदर घुसने की कोशिश कर रहे है लेकिन उन्हें पीछे धकेला जा रहा है। उल्लेखनीय है कि, पोलैंड की सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए सोमवार को एक बैठक बुलाई और सीमा के पास लगभग 12000 जवानों को भी तैनात करने के निर्देश दिए है। पोलैंड ने साथ ही बेलारूस पर शत्रुतापूर्ण गतिविधि करने और प्रवासियों को सीमा की ओर धकेलने का आरोप लगाया है। पोलैंड के अलावा, लिथुआनिया और लातविया ने भी कहा कि, बेलारूस से कई प्रवासी अवैध तरीके से देशों में घुस रहे है। इसमें ज्यादातर मध्य पूर्व और एशिया से आए हुए लोग है। 
पोलैंड सीमा के पास तैनात गार्ड ने कहा कि, सुबह से सीमा के बंद रहने से वहां मौजुद प्रवासियों की हालत खराब हो रही है। बता दें कि, इस क्षेत्र का तापमान शून्य से भी नीचे गिर जाता है जिसके कारण उनकी सुरक्षा का खतरा बढ़ता जा रहा है। पोलैंड ने सीमा पार आए सभी प्रवासियों को बाहर निकाल दिया है और बेलारूस अपने लोगों को वापस देश लौटने नहीं दे रहा है जिसके कारण सारे शरणराार्थी पोलैंड की जगंलों में फंस कर रहे गए हैं। तापमान शून्य होने के कारण सभी प्रवासी ठंड से ठिठुर रहे है। जानकारी के लिए बता दें कि, अब तक कई प्रवासियों की मौत  हाइपोथर्मिया से हो चुकी है। प्रवासियों का कहना है कि, खाने-पीने की कमी बहुत हो रही हैं और इससे कठिनाइयां बढ़ती जा रही है। बता दें कि लिथुआनिया ने बढ़ते प्रवासियों की भीड़ से निपटने के लिए बेलारूस के साथ लगी अपनी सीमा पर सैनिकों को तैनात कर दिया है। अगर आपातकाल स्थिति आती है तो उस संकंट का सामना करने के लिए उन सैनिकों की तैनाती की गई है। 
पोलैंड के सीमा बलों ने कहा कि मंगलवार को बेलारूस की सीमा पर प्रवासियों ने उन पर पत्थरों से हमला किया जिसके जवाब में उन्होंने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने कहा कि बेलारूसी बलों द्वारा प्रवासियों को गैस ग्रेनेड और अन्य हथियार दिए गए, जिन्होंने ड्रोन के साथ पूरे हिंसक अभियान को निर्देशित किया। स्थिति से यूरोपीय संघ और नाटो की पूर्वी सीमा पर एक तनावपूर्ण प्रवास और राजनीतिक संकट में वृद्धि का पता चलता है जिसमें बेलारूस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हजारों प्रवासियों का जीवन दांव पर लगा है। पोलैंड बॉर्डर गार्ड ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें भीषण ठंड के मौसम में एक अस्थायी शिविर में प्रवासियों के एक समूह की तरफ पानी की बौछार छोड़ी जाती दिखाई देती है।