200 करोड़ की ठगी के मामले में तिहाड़ जेल के पांच अफसरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार


दिल्ली ब्यूरो। जालसाज सुकेश चंद्रशेखर के रोहिणी जेल से 200 करोड़ की ठगी के मामले में तिहाड़ जेल के पांच अफसरों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें रोहिणी जेल के दो जेल सुपरिंटेंडेंट, दो जेल डिप्टी सुपरिंटेंडेंट और एक असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट शामिल हैं। सुकेश ने तिहाड़ जेल से रेलिगेयर इंटरप्राइजेज के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपये की ठगी की थी। आरोपी ने जेल में बंद शिविंदर सिंह को जमानत दिलाने में मदद करने की एवज में रकम ऐंठ लिए। आर्थिक अपराध शाखा के अफसरों के मुताबिक, अदिति सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने रोहिणी जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसकी पाटर्नर लीना समेत चार अन्य आरोपियों मैथ्यूज, कमलेश कोठारी, अरुण मुथु और बी. मोहन राज को गिरफ्तार कर लिया। जालसाजी के मामले में गिरफ्तार सुकेश रोहिणी जेल से ही फोन के जरिए ठगी को अंजाम दे रहा था। जांच में पता चला कि जेल में तैनात अफसरों की भी मिलीभगत थी।
जेल प्रशासन ने भी मामले की जांच की, जिसके बाद पांच अफसरों को सस्पेंड कर दिया गथा। आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें जेल के पांच अफसरों की मिलीभगत की बात सामने आई। पुलिस ने मंगलवार को रोहिणी जेल सुपरिंटेंडेंट सुनील कुमार, सुरिंदर चंद्र बोरा, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट महेंद्र प्रसाद, लक्ष्मी दत्त और असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट प्रकाश चंद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इनसे ठगी के मामले में इनकी भूमिका के बारे में पूछताछ कर रही।