दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके में अंडरग्राउंड खुले टैंक में मिला 8 साल की बच्ची का शव


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके में एक मकान के अंदर अंडरग्राउंड खुले पड़े टैंक में 8 साल की बच्ची की संदिग्ध हालत में डेडबॉडी मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मकान मालिक ने टैंक को कवर नहीं कराया था। बॉडी मिलने पर परिवार को डराया और कहा कि अपने फार्म हाउस में चुपके से अंतिम संस्कार कराके जो भी खर्चा होगा, देख लेगें। बच्ची की मां ने चुपके से पुलिस को कॉल कर दी। जिसके बाद पूरे मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, राजखान मूल रूप से गोरखपुर यूपी के रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस को बयान दिया कि वह कापसहेड़ा स्थित सुनील यादव नाम के शख्स के प्लाट, ठेके वाली गली में परिवार के साथ रहते हैं। करीब 15 दिन पहले ही अपना कमरा किराये पर शिफ्ट किया था। परिवार में पत्नी साहबाना के अलावा तीन बेटी, जिनमें 10 साल की मुस्कान, 8 साल की रुखसार, 4 साल की मरजीना और बेटा 6 साल का अयान खान है। राजखान अपनी पत्नी के साथ गुड़गांव स्थित उद्योग विहार फेज 5 में कपड़े सिलने का काम करते हैं। दो दिन पहले पति पत्नी की ड्यूटी ऑफ थी। जिसकी वजह से कमरे पर ही थे।
समय करीब 2.30 बजे दिन में इनकी बेटी रुखसार टॉयलेट की कह कर कमरे से बाहर गई थी। काफी देर तक नहीं लौटी तो लगा कि वो खेलने के लिए निकल गई है। राजखान अपनी पत्नी के साथ बेटी को बाहर आसपास ढूंढने निकल गए। शाम चार बजे तक उसका कोई अता पता नहीं चला। तब राजखान अपनी पत्नी के साथ तलाश करते हुए अपने घर आ गए। समय करीब 6 बजे घर के कोने में बनी टॉयलेट की तरफ गए। वहां पर भी देखा, लेकिन नहीं मिली। अचानक टॉयलेट के पास बने अंडरग्राउंड टैंक के पानी में बेटी की चप्पल को तैरते हुए देखा। जिसका ढक्कन खुला ही रहता है। पानी के इस टैंक में पानी ऊपर तक भरा था। जिसकी गहराई करीब 11 फीट है। जिस बाल्टी से पानी निकालते थे वो भी टैंक के पास नहीं मिली। शक हुआ कि बेटी इसी पानी के टैंक का ढक्कन खुले होने की वजह से डूब गई होगी।
राजखान ने सभी किरायेदार के साथ मिलकर बाल्टी की मदद से टैंक का पानी खाली करना शुरू कर दिया। पड़ोसियों ने मिलकर उस टैंक के पानी दो मोटर की मदद से पानी निकालना शुरू किया। राजखान ने पुलिस को बताया कि, इसी दौरान मकान मालिक सुनील यादव भी मौके पर आ गया। टैंक में पानी कम होने के बाद बेटी टैंक के अंदर दिखाई दी। जिसको देखकर पति पत्नी जोर जोर से रोने लगे। आरोप है कि तभी मकान मालिक ने सभी किराएदार को अपने- अपने कमरों में भेज दिया और बोला कि सभी दरवाजा बंद कर लो। टैंक के पास की लाइट बंद करवा दी। आरोप है कि मकान मालिक सुनील यादव कहने लगा कि तेरी लड़की इस टैंक में नहीं है। बाहर जाकर ढूंढो। पिता ने रोते हुए कहा कि बेटी इसी टैंक में है, मैं कहीं नहीं जाऊंगा।
आरोप है कि तब मकान मालिक डराने लगा कि पुलिस तुझे ही पकड़ लेगी और तेरी बेटी की चिर-फाड़ करेगी। आरोप है कि उसने लालच दिया कि आपकी बेटी का अंतिम संस्कार रात के समय अपने फार्म हाउस पर ले जाकर चुपके से करवा दूंगा। जो भी खर्चा पानी होगा, हम समझ लेंगे। आरोप है कि मकान मालिक ने रोके रखा। पुलिस को कॉल नहीं करने दी। रात को करीब 10 बजे पत्नी ने कमरे के अन्दर जाकर चुपके से पुलिस को इस घटना के बारे में कॉल कर दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड को बुलाया। टैंक से बॉडी को बाहर निकलवाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है। राजखान ने आरोप लगाया कि पहले भी मकान मालिक को दो-तीन बार इस टैंक के आस-पास लोहे की ग्रिल व परमानेंट ढक्कन लगवाने के लिए बोला। लेकिन अनसुना कर दिया। पिता का आरोप है कि सुनील यादव की लापरवाही की वजह से बेटी की टैंक के अन्दर गिरकर मौत हो गई है।