'जहरीले झाग' में आस्था की डुबकी, यमुना में उतरकर छठ व्रतियों ने दिया डूबते सूर्य को अर्घ्य


दिल्ली ब्यूरो। अपने चारों ओर सफेद घने जहरीले झागों की परत के बावजूद दिल्ली के कालिंदी कुंज के पास श्रद्धालुओं ने यमुना में उतरकर डुबकी लगाई। लोगों का कहना था कि छठ पूजा में यमुना का प्रदूषित पानी कोई बाधा नहीं है। श्रद्धालुओं का मानना है कि छठ मईया उनकी देखभाल और रक्षा करेंगी। यमुना के किनारे छठ पूजा के लिए पहुंचे लोगों के चेहरे पर जहरीले झाग को लेकर कोई चिंता नहीं थी। लोगों ने छठी मैय्या का जयकारा लगाकर यमुना में डुबकी लगाई। छठ पर्व पर दिल्ली में यमुना नदी के आसपास मेला सा लगा रहा। हालांकि यमुना नदी पर पूजा करने को लेकर पांबदी थी, मगर इसका कोई असर नहीं दिखा। सिर पर दौउरा (टोकरी) लेकर लोग पूजा के लिए घाटों पर पहुंचे। लोक आस्था और प्रकृति पूजा के महापर्व छठ की छटा बुधवार शाम हर ओर नजर आई। नोएडा-ग्रेनो के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए कृत्रिम छठ घाटों के साथ ही यमुना और हिंडन किनारे लाखों की संख्या में छठ व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। यमुना किनारे नदी में बने झाग के बीच श्रद्धालुओं ने अर्घ्य दिया। श्रद्धा के साथ बुधवार को फरीदाबाद के विभिन्न जगहों पर छठ महापर्व के मौके पर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इस दौरान पूर्वांचल समाज के लोगों के बीच पहुंचे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने भी सूरजकुंड एरिया में घाट पर पहुंचकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया और लोगों को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रकृति का पर्व बताया।