देवरिया में महिलाओं की अधिक जनसंख्या के बाद भी मतदाता सूची में ज्यादा हैं पुरुष वोटर


देवरिया,(उत्तर प्रदेश)। देवरिया में महिलाओं की अधिक जनसंख्या होने के बावजूद मतदाता सूची में पुरुष वोटरों की संख्या ज्यादा है। मतदाता जागरूकता अभियान के बाद भी महिला वोटरों की संख्या नहीं बढ़ रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 12,28,300 पुरुष मतदाताओं की अपेक्षा महिला वोटरों की संख्या 10,44,198 है, जबकि 2021 की अनुमानित जनसंख्या के हिसाब से जिले में 17,81,273 पुरुष और 18,11,483 महिलाओं की आबादी है। शायद यही वजह है कि महिलाएं राजनीति में मजबूत दखल से वंचित हैं। 
भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, वोटर लिस्ट में पुरुष और महिला वोटरों की संख्या के बीच वही अनुपात होना चाहिए, जो जिले की जनसंख्या में है। हर चुनाव से पहले मतदाता जागरूकता अभियान चलाकर नए वोटरों को बनाने की कवायद भी की जाती है, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या के अनुपात (जेंडर रेशियो) में सुधार नहीं हो पा रहा है। महिलाओं में जागरूकता की कमी इसका प्रमुख कारण है, क्योंकि महिला सशक्तीकरण के बाद भी ज्यादातर महिलाएं अकेले कहीं जाने से परहेज करती हैं।
वर्ष 2021 में देवरिया जिले की अनुमानित आबादी 35,92,756 है। जिसमें 17,81,273 पुरुष और 18,11,483 महिलाएं शामिल हैं। इस तरह जिले में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की जनसंख्या लगभग 30 हजार अधिक है, जबकि जिले की मतदाता सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से लगभग 2 लाख अधिक दर्ज है। जिले की वोटर लिस्ट में दर्ज कुल 22,72,569 वोटरों में 12,28,300 पुरुष और 10,44,198 महिला मतदाता दर्ज हैं। विधानसभा वार मतदाता सूची में भी पुरुष मतदाता अधिक हैं।
विधानसभा वार मतदाताओं के आंकड़े पर गौर करें तो रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में 1,74,478 पुरुष और 1,44,557 महिला मतदाता, देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र में 1,83,739 पुरुष और 1,55,848 महिला, पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र में 1,75,715 पुरुष और 1,49,862 महिला, रामपुर कारखाना में 1,86,453 पुरुष और 1,56,504 महिला, भाटपाररानी में 1,77,214 पुरुष और 1,45,315 महिला, सलेमपुर में 1,76,405 पुरुष और 1,50,968 महिला एवं बरहज विधानसभा क्षेत्र में 1,64,296 पुरुष और 1,37,144 महिला मतदाता शामिल हैं। हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले में नए मतदाताओं को बनाने की प्रक्रिया जारी है।
संत विनोबा पीजी कॉलेज की मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. नाजिश बानो की माने तो महिलाएं मतदाता तो बनना चाहती हैं, लेकिन घर के कार्यों में व्यस्त रहने की वजह से वह पहुंच नहीं पाती हैं। प्रशासन भी उन तक नहीं पहुंच पाता है। जिसका नतीजा है कि मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज नहीं हो पाता है। महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए प्रशासन को खास पहल करनी चाहिए। अपर जिला अधिकारी कुंवर पंकज ने बताया कि महिलाओं को अधिकाधिक संख्या में मतदाता बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अगली मतदाता सूची में महिला-पुरुष का अनुपात सही हो जाएगा।