तस्करा बनेगा एसएचओ राजेंद्र त्यागी के गले की फांस, लीक होने पर बैठी जांच,नप सकते हैं कई पुलिसकर्मी


गाजियाबाद ब्यूरो। मुठभेड़ में सात तस्करों के पैर में एक ही जगह गोली मारने पर चर्चा में आए इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी द्वारा डाला गया तस्करा उनके गले की फांस बन सकता है। शनिवार रात जीडी में डाला गया तस्करा सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गोपनीय दस्तावेज लीक होने को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने सीओ लोनी को जांच सौंपी है। उनका कहना है कि तस्करा लीक करने वाले पुलिसकर्मी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।11 नवंबर को बेहटा हाजीपुर में पशु तस्करों से हुई मुठभेड़ को लेकर किरकिरी होने पर 13 नवंबर को एसएसपी ने एसएचओ राजेंद्र त्यागी को चार्ज से हटाते हुए इंदिरापुरम थाने में निरीक्षक अपराध बनाया था। इस पर इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से उनका मनोबल गिरा है, लिहाजा मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह नौकरी करने की स्थिति में नहीं है। इस बात का उल्लेख करते हुए इंस्पेक्टर ने 13 नवंबर की रात 10.38 बजे थाने की जीडी (सामान्य डायरी) में तस्करा डाला था। उसमें उन्होंने मानसिक स्थिति ठीक होने तक नौकरी से कार्यमुक्त करने की बात लिखी थी। ड्यूटी की बजाय घर के लिए रवानगी करके इंस्पेक्टर ने चार्ज छोड़ दिया था। सोमवार को तस्करा सोशल मीडिया पर लीक होने पर एसएसपी ने जांच का आदेश दिया।
पुलिस की कहानी पर उठ रहे सवाल
- गोदाम की दीवारें 10 से 12 फीट उंची हैं और ऊपर से टिन शेड डली हुई है। दाखिल होने के लिए गोदाम में एक छोटा गेट है। मैन गेट पर ताला लगा होता है। पुलिस छोटे गेट से गई और तस्करों से मुठभेड़ में सात तस्कर पकड़े गए, जबकि दो फरार हो गए। गेट पर पुलिस और चौतरफा ढके गोदाम से वह कैसे फरार हो गए।
- इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी के मुताबिक 11 नवंबर की सुबह उन्हें गोदाम में पशु कटान की सूचना मिली थी। उन्होंने इसकी सूचना न तो एसपी ग्रामीण को दी और न ही एसएसपी को ही बताया। दोनों अधिकारियों ने इंस्पेक्टर द्वारा गोकशी की सूचना देने से इंकार किया है।
- पुलिस की कहानी के मुताबिक तस्कर गोदाम के अलग-अलग हिस्सों में छिपकर गोली चला रहे थे। इसके बावजूद सात तस्करों के पैर में एक ही जगह (घुटने के नीचे) गोली लगी। पुलिस का सटीक निशाना मुठभेड़ पर सवाल खड़े कर रहा है।
इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने जीडी में डाले तस्करे में खुद का दामन पाक-साफ बताया है। उनका कहना है कि उन पर आज तक कोई आरोप नहीं लगा और न ही किसी जनपद में उनके खिलाफ कोई चांज लंबित है। उनका चरित्र रोल उत्कृष्ट श्रेणी का है। हालांकि, मेरठ में तैनाती के दौरान एक महिला सिपाही ने इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की थी। वहीं, जनवरी 2019 में सीबीसीआईडी में तबादला होने पर उन्होंने एसटीएफ के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि एसटीएफ के अधिकारियों ने उन्हें गोतस्करी में लिप्त बताते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी, जिसके आधार पर उनका तबादला हुआ।
जांच हुई तो नप सकते हैं कई पुलिसकर्मी
अधिकारियों को गोकशी की सूचना दिए बिना तस्करों से की गई मुठभेड़ प्रदेशभर में सुर्खियों में है। तस्करा में इंस्पेक्टर लिखा है कि मुठभेड़ को लेकर ही उनका ट्रांसफर किया गया है। जिससे उनका मनोबल गिरा है। अधिकारी पहले उनकी जांच करा लेते, उसके बाद कोई कार्रवाई करते तो मनोबल नहीं गिरता। सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर मुठभेड़ की जांच हुई तो कई पुलिसकर्मी नप सकते हैं।
तस्करा लीक होना गंभीर मामला
जीडी का तस्करा थाने का गोपनीय दस्तावेज है। इसका लीक होना गंभीर मामला है। इस संबंध में सीओ लोनी को जांच सौंपते हुए रिपोर्ट तलब की गई है। जिस भी पुलिसकर्मी ने इसे लीक किया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर ने जीडी में तस्करा डालते हुए घर के लिए रवानगी की है। अगर उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की तो इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- पवन कुमार, एसएसपी गाजियाबाद