इनाम के लालच में अपहृत बच्चे को लेकर थाने पहुंचा अपहर्ता, फिर ऐसे पहुंचा सलाखों के पीछे


गाजियाबाद ब्यूरो। दीपावली के दिन ब्रजघाट से अपहृत गाजियाबाद का दिव्यांग बच्चा सकुशल बरामद हो गया है। परिजनों की ओर से घोषित तीन लाख रुपये का इनाम पाने के लालच में आरोपी खुद बच्चे को लेकर मुरादाबाद पुलिस के पास पहुंच गया।  मंगलवार की शाम एसपी दीपक भूकर ने गढ़ कोतवाली में प्रेस वार्ता कर बताया कि गाजियाबाद के रविदास नगर निवासी नीरज कुमार तीन नवंबर की रात अपने परिजनों व चार साल के बेटे नितिन के साथ कार्तिक अमावस्या (दिवाली पर्व) पर गंगा स्नान करने के लिए ब्रजघाट आए थे। चार नवंबर को तड़के करीब चार बजे नीरज व उनके परिजन गंगा स्नान कर रहे थे। दिव्यांग नितिन तट पर कपड़ों के पास बैठा हुआ था। इसी दौरान एक व्यक्ति उसे लालच देकर अपहरण कर ले गया। अपहरण की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, लेकिन फुटेज में आरोपी का चेहरा स्पष्ट नहीं हो सका था। बच्चे की बरामदगी को लेकर छह टीमों का गठन किया गया था। परिजनों ने एक लाख और पुलिस ने 25 हजार इनाम की घोषणा की। बच्चे के न मिलने पर परिजनों ने तीन लाख के इनाम की घोषणा कर दी थी। पुलिस ने अपहृत बच्चे के फोटो और इनामी राशि के पोस्टर आसपास के जनपदों में भी लगवाए। सोशल मीडिया का भी सहारा लिया गया। छह दिन तक पुलिस से लुकाछिपी खेल रहा आरोपी इनाम के लालच में आ गया। मंगलवार को बच्चे को लेकर मुरादाबाद के कुंदरकी थाने पहुंच गया।
आरोपी ने बताया कि बच्चा उसे बस स्टैंड पर मिला है। आरोपी ने अपना नाम नीरज निवासी छजलैट बताया। संदेह होने पर पुलिस ने नीरज को हिरासत में लेकर हापुड़ पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गढ़ पुलिस की एक टीम कुंदरकी थाने के लिए रवाना हो गई। जहां नीरज से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो सच्चाई सामने आ गई। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आरोपी नीरज तीन बेटियों का पिता है। बेटा न होने के कारण उसने नितिन का अपहरण किया। उसे लेकर वह अपने घर छजलैट पहुंच गया। तीन लाख रुपये इनाम के लालच और पकड़े जाने के डर से आरोपी उसे लेकर कुंदरकी थाने पहुंच गया। एसपी ने बताया कि बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। नीरज के खिलाफ अपहरण समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।