उत्तर प्रदेश में दहेज उत्पीड़न की शिकार नवविवाहिता से मदद के बहाने एसएचओ ने कई बार किया दुष्कर्म


महोबा,(उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के इटावा में तैनाती के दौरान एक दहेज उत्पीड़न की शिकार नवविवाहिता की मदद के बहाने दरोगा ने होटल में बुलाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। विवाहिता के गर्भवती होने पर मामले का खुलासा हुआ। पीड़िता महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी दरोगा को महोबा कोतवाली से गिरफ्तार कर लिया है। जिस समय नवविवाहिता के साथ दुष्कर्म हुआ वह नाबालिग थी इसलिए पुलिस ने आरोपी दरोगा पर बलात्कार के साथ पॉक्सो ऐक्ट की धारा भी लगाई है।
प्रदेश के इटावा जिले के भरेह थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की ने एसएसपी जय प्रकाश को तहरीर देकर बताया था कि कुछ समय पूर्व उसने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की शिकायत भरेह थाने में की थी। जिस पर पुलिस ने समझौता करा दिया था। भरेह थाना में तैनात रहे थाना प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह का तबादला बाद में चकरनगर थाने में हो गया। पीड़िता की ससुराल भी चकरनगर में ही है।
पीड़िता के मुताबिक वहां पहुंचने पर आरोपी थाना प्रभारी ने जबरदस्ती उसके ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया। और उस पर थाने आने का दबाब बनाने लगा। 28 जनवरी 2021 को वह थाने पहुंची तो इटावा कोर्ट में बयान देने के लिए चलने को कहा गया। उस दिन बयान न होने की बात कहकर आरोपी इंस्पेक्टर स्टेशन रोड स्थित एक होटल में उसे ले गया। यहां उसके साथ दरोगा ने दुष्कर्म किया। उसकी अश्लील फोटो व मोबाइल से वीडियो बनाया। मामले की शिकायत करने पर पति को जेल भेजने की धमकी दी।
पीड़ित लड़की के मुताबिक सात फरवरी को फिर इटावा के एक होटल में बुलाकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में पीड़िता ने चार अक्तूबर को तत्कालीन एसएसपी को अर्जी दी थी। मामले की जांच सीओ राकेश वशिष्ठ को सौंपी गई थी। कोई कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने गुरुवार को एसएसपी जय प्रकाश सिंह को तहरीर दी थी। एसएसपी ने बताया कि मामले में सिविल लाइन थाने में आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म व पॉस्को एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इटावा से दरोगा महेन्द्र पाल सिह का स्थानांतरण महोबा हो गया। महोबा की कुलपहाड़ कोतवाली में तैनात महेन्द्र पाल सिंह को इसकी भनक ही नहीं लगी कि उनके खिलाफ बड़ी कार्यवाही होने जा रही है। इटावा एसएसपी के कार्यवाही के निर्देश के बाद इटावा से आई पुलिस टीम ने कुलपहाड़ कोतवाली पहुंचकर आरोपी इंस्पेक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर इटावा ले गई।
नवविवाहिता के साथ जिस समय दुष्कर्म हुआ उस समय वह नाबालिग थी। घटना के समय पीड़िता की उम्र 17 साल 5 महीने व 7 दिन थी। पीड़िता ने इटावा एसएसपी के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व महिला आयोग से भी शिकायत की थी। ट्विटर पर मामले के वायरल होने के बाद पुलिस को हरकत में आना पड़ा। पीड़िता के नाबालिग होने के कारण इटावा पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर महेन्द्र पाल सिंह के खिलाफ बलात्कार व पाॅक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने के बाद इंस्पेक्टर को कुलपहाड़ कोतवाली से गिरफ्तार कर लिया है।

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