दिल्ली में अब जरूरी सामानों के ट्रकों को ही एंट्री, प्रदूषण के चलते लिए गए कई अहम फैसले


नई दिल्ली। राजधानी और आसपास के इलाकों में इन दिनों लोगों का सांस लेना दूभर है। यहां वायु इतनी प्रदूषित हो चुकी है कि लोग घर के अंदर भी मास्‍क लगाने को मजबूर हैं। लोगों की सुबह की जॉगिंग और साइकिलिंग बंद है। एयर पॉल्‍यूशन को कंट्रोल करने के लिए दिल्‍ली सरकार ने भी कई एहतियाती कदम उठाए हैं। दिल्ली में जानलेवा प्रदूषण से लोगों को राहत दिलाने के लिए सीएक्यूएम (कमीशन फाॅर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) ने कई अहम फैसले लिए हैं। दिल्ली में सिर्फ जरूरी सामानों से जुडे़ ट्रक ही आ सकेंगे। फिलहाल 21 नवंबर तक यह व्यवस्था की गई है। इसके बाद प्रदूषण के हालात का रिव्यू किया जाएगा और उसके अनुसार ही निर्णय लिए जाएंगे। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह ट्रांसपोर्ट है। यही वजह है कि एनसीआर में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल की गाड़ियां भी सड़कों पर नहीं आएगी। इंडस्ट्री प्रदूषण कम करने के लिए एनसीआर में उन्हीं इंडस्ट्री को चलने की इजाजत दी गई है जो गेस आधारित हैं।
30 नवंबर तक के लिए राजधानी के 300 किलोमीटर रेडियस में चल रहे 11 थर्मल पावर प्लांट को शेड्यूल किया गया है। एक तय समय में यही प्लांट चल सकेंगे। मिनिस्ट्री ऑफ पावर के सेकेट्री इन पावर प्लांट को बताएंगे कि इनसे कितनी बिजली की जरूरत है। यह प्लांट उतनी ही देर के लिए चल सकेंगे।

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