यूपी एसटीएफ के हत्थे चढ़ा मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के मास्टर माइंंड का गुर्गा


नोएडा,(उत्तर प्रदेश)। यूपी एसटीएफ ने मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के मास्टर माइड ‘डी कंपनी’ अबू सलेम के कुख्यात अपराधी जफर सुपारी और खान मुबारक के सहयोगी को गिरफ्तार किया है। इस पर 25 हजार का इनाम घोषित था और यह अबू सलेम और खान मुबारक का पैसा एनसीआर में प्रॉपर्टी में लगाने की धमकी देकर वसूली करता था। साथ ही प्रॉपर्टी में पैसा लगाने वालों का हड़प लिया करता था। सेक्टर-20 कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। यूपी एसटीएफ नोएडा यूनिट के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि 15 जुलाई 2020 को नोएडा के मोरना निवासी गजेंद्र सिंह को वसूली और प्रॉपर्टी के नाम पर लोगों के पैसे हड़पने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसी मामले में हरीश खान फरार चल रहा था। इसके खिलाफ भी सेक्टर-20 कोतवाली में मुकदमा दर्ज था। सूचना मिली थी कि हरीश खान नोएडा की बांस मंडी रोड पर आने वाला है। यूपी एसटीएफ और सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। यह भारत मंजिल सेकंड फ्लोर जंजीकर स्ट्रीट मस्जिद बदर थाना पाईघुनी मुंबई-3 का निवासी है। इसके पास से पुलिस ने एक पिस्टल, 3 कारतूस, आधार कार्ड, पैन कार्ड, आईसीआईसीआई बैंक के दो एटीएम कार्ड, 670 रुपये बरामद किए हैं।
एएसपी ने बताया कि आरोपी मुंबई के इस्लाम कॉलेज से 12वीं पास है। इसका परिवार यूपी से 2004 में मुंबई में शिफ्ट हो गया था। हरीश खान के दादा की कपड़े की दुकान थी। उसी दौरान छोटा राजन से जुड़े अमजद खान और हिमांशु चौधरी की हत्या हो गई थी। इस हत्याकांड को घोड़ा शूट आउट के नाम से जाना जाता है। इसी हत्याकांड में जफर सुपारी, ओसामा और अन्य को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा था। ओसामा और कुख्यात जफर सुपारी ने इलाहाबाद में पढ़ाई की थी। ओसामा भी यूपी के जौनपुर का रहने वाला है। यहां हरीश खान का ननिहाल है। ये दोनों अच्छे मित्र हैं। ओसामा काला घोड़ा हत्याकांड में जेल गया तो उसी समय मुंबई की आर्थर जेल में जफर सुपारी और 'डी कंपनी' का कुख्यात एवं मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट का आरोपी अबू सलेम भी बंद था। यहीं उसकी मुलाकात हुई। कोर्ट में पेशी के दौरान ओसामा से मिलने हरीश खान जाता था। उसी दौरान हरीश खान की मुलाकात ओसामा ने जफर सुपारी और अबू सलेम से कराई।
जफर सुपारी का भाई मुबारक खान 2012-13 में यूपी में एक्टिव हो गया। साथ ही विवादित जमीनों को कब्जाने लगा। 2013 में नोएडा निवासी गजेंद्र पेशी पर आए अबू सलेम से मिलने के लिए गया था। अबू सलेम ने उसकी मुलाकात जफर सुपारी और हरीश खान से कराई थी। जहां से हरीश खान और गजेंद्र एक-दूसरे के साथ आ गए। उसके बाद गजेंद्र और हरीश खान नोएडा में एक्टिव हो गए और प्रॉपर्टी का काम करने लगे। ये जफर सुपारी और अबू सलेम के नाम कारोबार करने लगे। प्रॉपर्टी दिखाने के नाम पर दोनों ने दिल्ली के कारोबारी से एक करोड़ 80 लाख रुपये भी लिए। पैसा मांगने पर गजेंद्र सिंह ने खान मुबारक से कहकर कारोबारी मुकेश भार्गव पर गोली चलवा दी। इस मामले में गजेंद्र ने 8 लाख रुपये हरीश खान को एक करोबारी से दिलाए थे। जिसके खिलाफ सेक्टर-20 कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी केश में यह फरार चल रहा था।