मगध यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. राजेंद्र प्रसाद के गोरखपुर स्थित घर में विजिलेंस का छापा


गोरखपुर,(उत्तर प्रदेश)। बिहार के मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद के गोरखपुर स्थित आवास में बिहार की विजिलेंस टीम ने छापा मारा। इस दौरान टीम ने 1.80 करोड़ रुपये, 2.50 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा, गहने और संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रो. प्रसाद पर 20 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का केस चल रहा है। छापेमारी इसी सिलसिले में की गई थी। आरोप है कि प्रो. प्रसाद ने पद पर रहते हुए अपने रिश्तेदार की एजेंसी को करोड़ों रुपये की अवैध खरीद का ठेका दिया था। इसमें खरीदारी के नियमों का उल्लंघन भी किया गया। इसी सिलसिले में विजिलेंस की टीम ने उनके गोरखपुर में पूर्वी राजेंद्र नगर स्थित आवास पर बुधवार सुबह 9 बजे छापा मारा। छापा रात 2 बजे तक चला। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस टीम ने जब एक अलमारी खोली तो उसमें ठूंस कर भरी गई नोटों की गड्डियां गिरने लगीं। टीम ने पहले खुद नोट गिनने का प्रयास किया गया पर संख्या ज्यादा होने के कारण मशीन मंगानी पड़ी। गहनों के मूल्यांकन के लिए सराफा कारोबारी की मदद ली गई। टीम ने संपत्तियों के कागज भी जब्त किए हैं। फिलहाल विजिलेंस ने इन दोनों की कीमतें नहीं घोषित की हैं। छापेमारी के दौरान कुलपति के बेटे अशोक कुमार और उनकी पत्नी घर पर मौजूद थीं। प्रो. प्रसाद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय व इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के भी कुलपति रह चुके हैं। 2019 में उन्हें बिहार के मगध विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया था। छापेमारी का नेतृत्व कर रहे बिहार विजिलेंस के डिप्टी एसपी चंद्रभूषण के अनुसार प्रो. राजेंद्र प्रसाद पर बीते 16 नवंबर को क्राइम नंबर (2/2021) पर 120 बी, आईपीसी-420, पीसी ऐक्ट-1988 समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा निजी सचिव सुबोध कुमार, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार और दो अन्य के खिलाफ भी केस दर्ज है। बुधवार को प्रो. प्रसाद के तीन ठिकानों पर एक साथ छापा मारा गया। दो ठिकाने बिहार में हैं।