चिड़ियों के पानी के लिए रखे बर्तनों और फ्लावर पॉट से डेंगू का खतरा


नई दिल्ली। अगर आप बर्ड लवर हैं या फिर घरों को सजाने के लिए जगह-जगह फ्लावर पॉट लगाया है, तो यह आपकी जान के लिए खतरा बन सकता है। ऐसा इसलिए कि एमसीडी ने दिल्ली में डेंगू के तेजी से फैलने के जिन कारणों का पता लगाया गया है, उनमें घरों में पानी स्टोर करने के लिए रखे बर्तनों, फ्लॉवर पॉट और चिड़ियों को पानी पिलाने वाले मिट्टी के बर्तनों में सबसे अधिक डेंगू के लार्वा पाए गए हैं। 58.5 प्रतिशत मच्छरों की ब्रीडिंग तो घरों में रखे पानी के बर्तनों और 30.2 प्रतिशत ब्रीडिंग चिड़ियों के लिए रखे गए पानी के बर्तनों और फ्लावर पॉट में पाई गई है।
एमसीडी के पब्लिक हेल्थ विभाग के अफसरों के अनुसार दिल्ली में डेंगू के मामले तेजी से फैल रहे हैं। मामले इतनी तेजी से फैलने के कारणों को जानने के लिए साउथ एमसीडी वेस्ट, सेंट्रल, नजफगढ़ और साउथ जोन में एक स्टडी कराई गई। इस दौरान चारों जोन में घरों में लगे कूलर, छतों पर रखे पानी की टंकिंया, हौदी, खुले में पड़े पुरान टायर, घरों में पानी स्टोर करने किए बर्तनों, फ्लावर पॉट और चिड़ियों के लिए रखे गए पानी के बर्तनों की जांच की गई। इस दौरान चारों जोन को मिलाकर 14 कूलर, 20 पानी की टंकी, 219 घरों में पानी के बर्तनों और 113 फ्लावर पॉट और चिड़ियों के पानी के बर्तनों में लार्वा मिले। यानी चारों जोन में कूलर, टंकियों और दूसरे बर्तनों और फ्लावर पॉट में कुल 374 डेंगू के लार्वा मिले, जिनमें से 58.5 प्रतिशत ब्रीडिंग घरों में पानी स्टोर करने के लिए रखे गए बर्तनों और 30.2 प्रतिशत ब्रीडिंग फ्लावर पॉट और चिड़ियों के मिट्टी के बर्तनों में पाई गई।
डेंगू के तेजी से बढ़ते मामले के चलते एमसीडी अफसरों ने लोगों से अपील की है कि वे घरों में पानी स्टोर कर न रखें। बाल्टियों और दूसरे बर्तनों को इस्तेमाल करने के बाद उनमें से पानी गिरा कर उलटा रखें। इसके अलावा फ़्लावर पॉट में पानी तो डालें, लेकिन साथ-साथ उस पानी में डेंगू के लार्वा को मारने वाली दवाइयां भी डालें। छतों पर रखे पानी की टंकिंयों को ढंक कर लोग रखें।