गांजे की ऑनलाइन डिलीवरी के मामले में अमेजॉन कंपनी के अधिकारियों से होगी पूछताछ


भिंड,(मध्य प्रदेश)।
भिंड पुलिस ने ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिये गांजा की तस्करी के मामले में अमेजॉन के स्थानीय अधिकरियों को तलब किया है। पुलिस ने रविवार को इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों से 20 किलो गांजा भी जब्त किया गया था। सोमवार को एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस कंपनी के अधिकारियों से यह पूछेगी कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये प्रतिबंधित पदार्थों की कैसे की गई। एसपी ने कहा कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करती है। इसलिए यह मामला बेहद गंभीर है। खासकर इसलिए भी कि गांजे की डिलीवरी में कई स्तरों पर कंपनी की सहभागिता सामने आई है। लॉजिस्टिकल सपोर्ट से लेकर ऑनलाइन डिलीवरी तक कंपनी की मिलीभगत की आशंका है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी के वकील संभवतः मंगलवार को पुलिस के सामने अपना जवाब रखेंगे।
इधर, अमेजॉन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कंपनी इसका पता लगा रही है कि किसी विक्रेता ने नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपने प्लेटफॉर्म के जरिये वह प्रतिबंधित सामानों की डिलीवरी नहीं करती। अमेजॉन के जरिये भिंड में कढ़ी पत्ता की जगह गांजे की डिलीवरी कराने का मामला रविवार को सामने आया था। पुलिल ने पकड़े गए दो आरोपियों से 20 किलो गांजा भी जब्त किया था। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि अमेजॉन कंपनी गांजे की तस्करी में 66% से ज्यादा बिक्री का हिस्सा लेती थी। पुलिस ने भिंड के गोहद इलाके में नेशनल हाईवे पर स्थित गोविंद ढाबा से सूरज पवैया और उसके साथी विजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। ये दोनों मिलकर अमेजॉन कंपनी के सहयोग से प्रदेश के कई हिस्सों में गांजे की तस्करी कर रहे थे। आरोपियों ने बाबू टैक्स नाम से जीएसटी नंबर ले रखा था और अमेजॉन में विशाखापट्टनम की कंपनी बताकर सेलर के रूप में दर्ज करा रखा था।