प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ! रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर बुंदेलखंड राज्य की घोषणा कर दीजाये : प्रवीण पाण्डेय


खागा,(फतेहपुर)। आगामी 19 नवंबर को झांसी में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मौके पर आयोजन में शामिल होने आ रहे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग रखने के लिए बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने खागा विधायक को अपना माध्यम चुना है। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने खागा विधायक को ज्ञापन देते हुए उनसे पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग में सहयोग का आह्वान किया। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष ने खागा विधायक को बताया कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए प्रधानमंत्री को स्वयंसेवकों द्वारा 23 बार खून से पत्र लिखे जा चुके हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि खागा विधायक, बुंदेलखंड की बदहाली और शोषण से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अवगत कराएं। साथ ही बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को सशक्त आवाज प्रदान करें। केंद्रीय अध्यक्ष ने विधायक को अवगत कराया कि वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान झांसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने बुंदेलखंड राज्य बनाए जाने का वादा किया था। केंद्र में भाजपा सरकार के सात वर्ष पूरे होने के बाद भी अभी तक पृथक बुंदेलखंड राज्य नहीं बनाया गया। पिछले महीने चित्रकूट में आयोजित राष्ट्रीय स्वयं सेवक के महाधिवेशन में जिस तरह से बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा उठा, उससे हम बुंदेले खासे उत्साहित हैं। चित्रकूट में अलग राज्य का मुद्दा मुखर करने में जो प्रशंसनीय भूमिका जगद्गुरु स्वामी राम भद्राचार्य जी ने निभाई, समिति अपेक्षा रखती है कि वही भूमिका संसद के मानसून सत्र में खागा विधायक निभाएं। हमीरपुर के सांसद पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल कई बार लोकसभा में बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन उनका साथ बुंदेलखंड के अन्य सांसदों ने नहीं दिया। जिस तरह सरकारें आर्थिक लाभ के लिए ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहरों को मिटाकर बुंदेलखंड को खनन का हब बनाने में जुटी हुई हैं, उससे हम आने वाली पीढ़ियों को नुकसान का जवाब तक नहीं दे सकेंगे। बुंदेलखंड की अस्मिता, स्वाभिमान, भाषा, संस्कृति और सम्पदा बचाने के लिए बुंदेलखंड राज्य निर्माण बहुत जरूरी है। इस वक्त उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश व केन्द्र तीनों जगह भाजपा की सरकारें हैं।