बिलासपुर मे दर्शको के सिर चढ कर बोल रहा मैजिक स्टार सिकंदर का जादू

बिलासपुर। शहर के शिव टाकीज में चल रहे जादूगर सिकंदर के शो में जादू कला प्रेमियो  का जनसैलाव उमड़ने लगा है और इस मनोरंजक शो का जिक्र शहर से लेकर गॉव तक मे सुना जा रहा है। जादूगर सिकंदर के द्वारा दिखाए जा रहे हैरतअंगेज कारनामों का जिक्र हर उस व्यक्ति के सिर चढ़कर बोल रहा है जो इस शो को देखकर बाहर निकलता है।शो में किसी को जादूगर का मंच से पल भर में गायब होकर दर्शको के बीच प्रकट होना चकित करता है तो किसी को लड़की को दो भाग मे काट देना. किसी को हवा से तरह तरह की चीजे उत्पन्न होते देखना हैरत से भर देता  है । डायनासोर समेत अनेक नये नये करतबो से सजा धजा इन्द्रजाल शो शहर में मनोरंजन का मुख्य आकर्षण बन चुका है और प्रतिदिन शहर का कोई न कोई अधिकारी या राजनेता भी शो में पहुॅच रहे हैं। कल शाम के शो मे मुख्य अतिथि थे    सेंट विंसेंट पलोठी स्कूल के प्रिंसपल सुमित कुमार वखला. अपने मंचीय संबोधन में श्री वाखला ने कहा कि जादू वास्तव में एक श्रेष्ठ ललित कला होने के साथ साथ मेंटल एक्सरसाइज यानि मस्तिष्क को तीव्र तर्कशील बनाने वाला व्यायाम भी है। जादूगर सिकंदर ने उनका पुष्पहार से स्वागत किया,मौके पर समाजसेवी गोपाल अग्रवाल भी मौजूद रहे।      
जादू महल का भव्य रुप ले चुके शिव टाकीज में जादूगर सिकंदर  द्वारा दिखाए जाने वाले सभी जन संदेश भरे रोचक रोमांचक करतब आपको तनावों व हकीकत की दुनिया से परे आनंद के एक नए संसार में ले जाते हैं। अपने करतबों के बीच सिकंदर आपके ईर्द गिर्द आनंद और कल्पना का ऐसा जाल बुनते हैं, जिससे जीवन के सारे तनाव दूर हो जाते है और आप कल्पना के एक नए लोक में विचरण करने लगते हैं। लोगों को वास्तविकता से जादू के अनोखे तिलस्मी संसार में भ्रमण पर ले जाने वाले जादूगर सिकंदर के अनुसार वे जो जादू लोगों को दिखाते हैं उसमे परलौकिक कुछ भी नहीं होता और उसके द्वारा स्टेज पर दिखाए जाने वाले सभी कार्यक्रम विज्ञान और कला के अनूठे मेल का परिणाम होते हैं।  
जादूगर सिकंदर के अनुसार जादू वास्तविकता में दृष्टि भ्रम, विज्ञान के नियमों, कला और कुछ हद तक सम्मोहन का मिला-जुला स्वरुप है। जादू में दर्शकों का दृष्टि भ्रम उनकी जादू कलाओं में सबसे महत्वपूर्ण कारक होता है। स्टेज शो के दौरान जादूगर का वास्तविक फन इस दृष्टि भ्रम को उत्पन्न करना ही होता है। लेकिन इसमें सफलता के लिए कठिन और निरंतर अभ्यास, और कुशल सहायकों की भी आवश्यकता होती है। इस जादू के शो में उनकी तीस से ज्यादा साथियों की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहता है।  जादूगर सिकंदर यहां रोजाना दो शो दिखा रहे है जबकि रविवार को तीन शो दिखाए जाते है। शो प्रबंधक आर पी सिंह और पी आर ओ मदन भारती के अनुसार शो में दिन प्रतिदिन भीड़ बढ़ती ही जा रही है और लोग लाइव शो का खूब आनंद उठा रहे हैं।