बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी सुरक्षा में तैनात एनएसजी कमांडो सहित दो लोगों की सड़क हादसे में मौत


चाईबासा,(झारखण्ड)। भारतीय जनता पार्टी के वयोवृद्ध नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात एनएसजी कमांडो 31 वर्षीय पोरेश बिरूली की सड़क हादसे में मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, पोरेश गुरुवार की शाम को 3 दिन की छुट्टी पर घर पहुंचे थे और परिवार और बच्चों के साथ दिवाली में पटाखे भी फोड़े, फिर अपने ममरे भाई के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी दोस्त से मिलने निकल गये। इसी दौरान रात 10 से 11 के बीच चाईबासा रेल ओवर ब्रिज के पास सड़क हादसा हो गया। जिस समय घटना हुई, उनके मामा का लड़का राजा तियु भी उनके साथ था। बाइक पर सवार दोनों को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। एनएसजी कमांडो पोरेश बिरूली के परिवार को शुक्रवार की सुबह पुलिस ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद उनकी पत्नी शुरू बिरूली, बहन और भाई के साथ गांव के लोग सदर अस्पताल पहुंच गए। पोरेश की दो बेटियां हैं। एक सात साल की और दूसरी 4 साल की। पोरेश बिरूली की पत्नी शुरू झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी में प्रोग्राम ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि गुरुवार की शाम को उनके पति 3 दिन की छुट्टी पर घर आए। थोड़ी देर घर में रहने के बाद मामा के लड़के के साथ घर से बाहर निकल गये। रात करीब 10 बजे फोन पर उनसे बात भी हुई, उन्होंने थोड़ी देर में घर लौट आने की बात कही। लेकिन पूरी रात कोई पता नहीं चला। सुबह दुर्घटना के बारे में जानकारी मिली।
बताया गया है कि दोनों बाइक सवार फ्लाइओवर से गुजर रहे थे, इसी दौरान एक भारी वाहन की चपेट में आने से उन्होंने बाइक पर से अपना संतुलन खो दिया और फ्लाइओवर पर दोनों बाइक सहित काफी दूर घिसटते हुए चले गए। दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे सिर पर गंभीर चोट आई और घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
यह हादसा दीपावली की रात उस समय हुआ जब शहर में नो एंट्री लगी थी। दीपावली के कारण रातभर भारी वाहनों के लिए नो एंट्री रखी गई थी। इसके बावजूद सड़क पर बने चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मी पैसा लेकर भारी वाहनों को नो एंट्री में अवैध तरीके से पार कराते हैं। इस कारण एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश में है। पुलिस ने दोनों युवकों के शव को सड़क से उठाकर सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस ले गई, इनकी पहचान होने के बाद शुक्रवार परिजन सदर अस्पताल पहुंचे और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घर में दीपावाली की खुशियां मातम में तब्दील हो गई हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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