सवालों के घेरे में कानपुर देहात पुलिस, एक महीने में कोर्ट परिसर से हुए फरार हुए 2 कैदी


कानपुर,(उत्तर प्रदेश)। कानपुर देहात कोर्ट से 1 महीने में दो कैदी फरार होने में कामयाब रहे हैं। पहला मामला 2 नवंबर का है जहां किशोरी से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट में पेशी पर आया आरोपी फरार होने में कामयाब हो गया। वहीं दूसरा मामला बीते सोमवार 29 नवंबर का है जब कोर्ट में पेशी पर आए दुष्कर्म व हत्या के प्रयास का आरोपी बंदी पेशी के दौरान कोर्ट परिसर से सिपाही को चकमा देकर फरार हो गया। दोनों ही मामलों में सुरक्षा में लगे सिपाही घंटों तक अधिकारियों को बिना बताए आरोपियों की तलाश करते रहे और मामले को दबाने में जुटे रहे। बाद में जब कैदियों को ढूंढ नहीं पाए तो उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस की कई टीमें जगह जगह पर छापेमारी करती रही लेकिन आरोपी बंदी पुलिस के हाथ नहीं लगा। जिसके बाद कोर्ट में पेशी पर आने वाले बंदियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
आजमगढ़ के जसपतपुर गांव निवासी पवन उर्फ गुड्डू (38) कानपुर के कल्याणपुर में किराए पर रहता था। छह माह पूर्व अकबरपुर कोतवाली के एक गांव में वह रिश्तेदारी में आया था। वहां युवती से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या का प्रयास किया था।और वही युवती के परिजनों ने नामजद मुकदमा दर्ज कराया था जिसके चलते पुलिस ने पवन उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार कर माती जेल भेजा था। मामले की सुनवाई जिला जज की कोर्ट में चल रही है।
कोर्ट में सोमवार को सुनवाई थी जिसके चलते पुलिस लाइन का सिपाही अहमद खान कोर्ट में पेश करने के लिए पवन उर्फ गुड्डू को माती जेल से लेकर आया था।दोपहर में पवन को जैल लॉकअप से निकाल कर सिपाही कचहरी के प्रथम तल पर जिला जज को कोर्ट ले जाने लगा। इसी दौरान भीड़ के बीच पवन चकमा देकर फरार हो गया। बंदी के फरार होने पर सिपाही ने कचहरी के हर गेट पर उसे तलाश किया,लेकिन वह हाथ नहीं लगा तो वह घबराकर देर शाम तक आरोपी बंदी की तलाश करता रहा और जब कहीं उसकी जानकारी नहीं लगी तो सिपाही ने जेल चौकी में जानकारी दी।
कोर्ट से 2 नवंबर को फरार हुआ किशोरी से दुष्कर्म के मामले का बंदी 27 दिन बाद भी पकड़ा नहीं जा सका है। शिवलो करवा निवासी एक किशोरी से 6 मई 2020 को दुष्कर्म किया गया था। मामले में आरोपी साकेत नगर मोहल्ला निवासी अनिल राठौर को 17 मई 2020 को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 2 नवंबर को कोर्ट संख्या 13 में अनिल को पेशी पर जेल से लाया गया था।
पेशी के बाद अनिल सिपाही को चकमा देकर कोर्ट परिसर से फरार हो गया था। इस पर सिपाही को निलंबित कर केस दर्ज कराया गया था और अब दुष्कर्म का हत्या के प्रयास में 29 नवंबर को कोर्ट लाए गया आरोपी पवन उर्फ गुड्डू भी सुरक्षा में लगे सिपाहियों को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गया है। इस मामले में भी पुलिस ने सिपाहियों वह आरोपी के ऊपर मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। दोनों ही आरोपियों को एसओजी सर्विलांस व थाना पुलिस की टीमें अब तक फरार बंदी का पता नहीं लगा सकी है।
एएसपी कानपुर देहात,घनश्याम चौरसिया ने बताया कि सोमवार को पवन उर्फ गुड्डू को कोर्ट में पेश करने के लिए लाया गया था। लेकिन आरोपी सुरक्षा में लगे सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गया है।जिसकी तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जल्द से जल्द उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है और वही कोर्ट परिसर से फरार हुए बंदी की सुरक्षा में लगे सिपाही व कर्मचारियों पर भी विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ मुकदमा दर्ज कराया गया है और वही 2 नवंबर को फरार हुए कैदी के मामले में भी सिपाहियों के ऊपर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

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