सामूहिक हत्याकांड में सजा काट रहे पूर्व सांसद की पत्नी हमीरपुर सीट से लड़ेंगी चुनाव


हमीरपुर,(उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर विधानसभा सीट पर सामूहिक हत्याकांड के सजायाफ्ता अपराधी अशोक सिंह चंदेल की पत्नी राजकुमारी चंदेल ने चुनाव लड़ने का एलान किया है। साथ ही उन्होंने बुधवार को हमीरपुर में अपने समर्थकों के साथ बैठक करने की योजना भी बनाई है। इसके बाद क्षेत्र के ठाकुर बिरादरी के लोग भी उनके पक्ष में खुलकर सामने आ गए है, उनके चुनाव लड़ने के फैसले से बीजेपी सहित अन्य प्रमुख दलों के संभावित उम्मीदवार भी सकते में है।
हमीरपुर जिले मेंं करीब 41 सालों से राजनीति करने वाले अशोक सिंह चंदेल कानपुर देहात के नसनियां गांव के रहने वाले है। वह कानपुर नगर में डीएवी डिग्री कालेज में छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे है। इनकी शादी हमीरपुर में सुमेरपुर थाना क्षेत्र के विदोखर गांव में राजकुमारी सिंह के साथ हुई थी। टिकरौली गांव में इनके मामा रहते है। सदर विधानसभा क्षेत्र में लंबी सियासी पारी खेलने वाले अशोक सिंह चंदेल पहली बार वर्ष 1980 में कानपुर नगर के किदवईनगर से राजनीति करने हमीरपुर आए थे। इन्होंने चौधरी चरण सिंह की पार्टी जनता दल (एस) के टिकट से पहली बार सदर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन इन्हें कांग्रेस के प्रत्याशी प्रताप नारायण दुबे से पराजय का सामना करना पड़ा।
तीसरी बार में मिली जीत
पहली बार चुनाव में इन्हें 20,549 मत मिले थे। वर्ष 1985 में द.म.कि.पार्टी के टिकट से दोबारा यहां की सीट से चुनाव मैदान में आए, लेकिन चुनाव मेंं इन्हें हार का सामना करना पड़ा। इन्हें 24,662 मत मिले थे। ठाकुर बिरादरी में मजबूत पकड़ रखने वाले अशोक सिंह चंदेल वर्ष 1989 में तीसरी बार निर्दलीय रूप से चुनाव मैदान में आए और 30,813 मत पाकर भारी मतों से जीत दर्ज कराई। इसके बाद वर्ष 1991 के चुनाव में बीएसपी प्रत्याशी से पराजित हो गए थे। इन्हें राजद के नाम पर सिर्फ 19,126 मत ही मिले थे। विधानसभा सीट में वर्ष 1993 में फिर चुनाव हुए जिसमें इन्होंने जनता दल के टिकट से चुनावी महासमर में सर्वाधिक 42,882 मत पाकर जीत का परचम फहराया।
वर्ष 1999 में पहली बार बने सासंद
वर्ष 1996 के चुनाव में भी बीएसपी से बुरी तरह पराजित हुए थे। इन्हें 19,909 मत ही मिले थे। वहीं वर्ष 1999 के संसदीय क्षेत्र के आम चुनाव में 34.99 फीसदी वोट पाकर ये पहली बार सांसद बने थे। फिर इसके बाद अशोक सिंह चंदेल ने जनता दल छोड़कर पीस पार्टी ज्वाइन की और 2007 में फिर एमएलए बनने के लिए एसपी की सदस्यता ली और पार्टी के टिकट से चुनाव मैदान में आकर बीएसपी प्रत्याशी को कड़ी टक्कर देते हुए जीत का परचम फहराया था। उन्हें 43,667 मत मिले थे। वर्ष 2012 में इन्होंने पीस पार्टी के टिकट से चुनावी दंगल में कदम रखा, लेकिन इन्हें बुरी तरह से पराजित होना पड़ा। इनके खाते में सिर्फ 17,000 मत आए थे।
सामूहिक हत्याकांड के बाद बीजेपी ने चंदेल पर लगाया था दांव
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भारी विरोध के चलते अशोक सिंह चंदेल पर बीजेपी ने दांव लगाया था। सामूहिक हत्याकांड सहित तमाम आपराधिक मामले दर्ज होने के बाद भी बीजेपी ने हमीरपुर विधानसभा की सीट से इन्हें टिकट दिया था। हमीरपुर से तमाम भाजपा के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की थी, फिर भी पार्टी ने अपना फैसला नहीं बदला था। बीजेपी की लहर और ठाकुर बिरादरी की सहानुभूति पर चंदेल ने यहां की सीट पर कमल खिलाया था। उन्हें 1,10,888 मत मिले थे। एसपी दूसरे स्थान पर रही। चुनाव में भितरघात के बाद भी चंदेल ने चुनाव में दबदबा कायम रखा।
उम्रकैद की सजा होने के बाद चंदेल बीजेपी से हुए थे बाहर
वर्ष 2019 में अप्रैल के महीने में करीब बाइस साल पहले हुए हमीरपुर शहर में पांच लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में हाईकोर्ट इलाहाबाद की डबल बैंच से फैसला आया, जिसमें बीजेपी के विधायक अशोक सिंह चंदेल व शराब कारोबारी सहित नौ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सजा के बाद विधायक को जेल जाना पड़ा। सजायाफ्ता विधायक की सदस्यता खत्म करने के साथ ही बीजेपी ने रिश्ते तोड़ भी लिए। पार्टी ने हमीरपुर विधानसभा की सदर सीट बचाने के लिए उपचुनाव में पूर्व विधायक युवराज सिंह पर दांव लगाया था, जिससे बीजेपी अपनी सीट बचाने में कामयाब रही।
सियासी पारी खेलने को सजायाफ्ता की पत्नी लड़ेगी चुनाव
सजायाफ्ता अशोक सिंह चंदेल की पत्नी राजकुमारी चंदेल ने आगामी विधानसभा चुनाव में सियासी पारी खेलने के लिए यहां सदर सीट से चुनाव लडऩे का एलान किया है। सोशल मीडिया में राजकुमारी चंदेल के हाथ मजबूत करने के लिए समर्थकों से अपील की गई है। खासकर ठाकुर बिरादरी बाहुल्य गांवों में तैयारी भी शुरू हो गई है। ये कल बुधवार को कानपुर से हमीरपुर आएगी। बताते है कि चंदेल की पत्नी दिव्यांग है। वह दो पुत्रों की मां है। उनके समर्थकों का कहना है कि राजकुमारी चंदेल यहां निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ेगी। बता दे कि इस क्षेत्र में 36 हजार से अधिक ठाकुर बिरादरी के मतदाता है।

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