जर्जर हो चुकी इमारत में चल रहा था इलाज, सील होगा दिल्‍ली का राजन बाबू अस्‍पताल, जांच के आदेश


दिल्ली ब्यूरो। नॉर्थ एमसीडी के राजन बाबू अस्पताल की जर्जर हो चुकी इमारत को सील करने के आदेश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने अस्पताल की जर्जर हालत का संज्ञान लेते हुए इमारत को तुरंत खाली कराकर बंद करने और इसकी जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल इमारत की जर्जर हालत तस्वीरें काफी विचलित करने वाली हैं और यहां पर मरीजों के साथ-साथ डॉक्टर और अन्य स्टाफ की भी जान को खतरा बना हुआ है।
शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने राजन बाबू अस्पताल को लेकर मीडिया से बात करते हुए कहा कि खतरनाक इमारत में मरीजों का इलाज चल रहा है। हालात यह है कि यह इमारत किसी भी समय गिर सकती है। इस इमारत में मरीजों का इलाज़ करना न सिर्फ मरीजों बल्कि वहां के डॉक्टर और अन्य स्टाफ के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। इस स्थिति को देखते हुए शनिवार को अस्पताल की इमारत को सील करने के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार ने अडिशनल चीफ सेक्रेटरी (अर्बन डिवेलपमेंट) को इस मामले की जांच कर दिल्ली सरकार को रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिए हैं। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि लोगों के जीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एमसीडी अस्पताल में चिकित्सक एवं पैरामेडिक्स सेवाओं को दिल्ली सरकार ने फिलहाल रोकने के आदेश दिए गए हैं और इमारत को सील करने का आदेश दिया है।
राजन बाबू टीबी हॉस्पिटल की जर्जर बिल्डिंग को सील करने की चेतावनी के बाद शनिवार को नॉर्थ एमसीडी मेयर इकबाल सिंह, स्टैंडिंग कमिटी चेयरमैन जोगीराम जैन, नेता सदन छैल बिहारी गोस्वामी और दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने दिल्ली सरकार की निंदा की। उनका कहना था कि दिल्ली सरकार को यह अधिकार ही नहीं है कि एमसीडी की किसी बिल्डिंग को सील कर सके। दूसरा यह कि जिस बिल्डिंग को खतरनाक घोषित किया गया है, उसमें मरीज ही नहीं थे। बिल्डिंग की पांचवें मंजिल पर वॉर्ड-9 और वॉर्ड-14 हैं और दोनों खाली हैं।
मेयर इकबाल सिंह के अनुसार, दिल्ली सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते यह मसला उछाल रही है। उसने तथ्यों की जांच किए बिना ही अस्पताल को खाली कर सील करने का आदेश दिया है, जो निंदनीय है। स्टैंडिंग कमिटी चेयरमैन जोगीराम जैन का कहना था कि जिस बिल्डिंग को जर्जर बताया जा रहा है, उसमें कुल 10 वॉर्ड हैं। वॉर्ड 5, 6, 7, 8 और 9 तो एक साइड हैं और गैलरी के दूसरे साइड वॉर्ड 10, 11, 12, 13 व 14 हैं। वॉर्ड-9 और 14 बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर हैं, जिसका आगे का छज्जा खतरनाक है। इसलिए इन दोनों वॉर्डों में मरीज भर्ती ही नहीं किए गए थे। टॉप फ्लोर की स्थिति जर्जर होने के चलते ही नीचे बोर्ड लगाया गया है। लेकिन, बाकी फ्लोर की स्थिति बेहतर है। इसी बात को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार एमसीडी की छवि धूमिल कर रही है। उनका कहना है कि आईआईटी रुड़की से पूरी बिल्डिंग की सेफ्टी ऑडिट भी कराई गई है और रिपोर्ट भी जल्दी ही आने वाली है।
राजन बाबू टीबी हॉस्पिटल में वर्तमान में करीब 350 मरीज हैं। इसमें से टीबी और चेस्ट इंफेक्शन दोनों तरह के मरीज हैं। इसमें से करीब 100-150 मरीज इसी बिल्डिंग के अलग-अलग वॉर्डों में हैं। वॉर्ड-9 और 14 को छोड़कर बाकी सभी वॉर्डों की स्थिति बेहतर है। इसलिए मरीज भी उसी वॉर्ड में हैं।

Popular posts from this blog

उत्तर पूर्वी जिला पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत छेनू गैंग के चार बदमाशों को किया गिरफ्तार

जीटीबी एंक्लेव थाने में तैनात दिल्ली पुलिस की महिला एसआई ने लगा ली फांसी, पुलिस ने बचाई जान

रोटरी क्लब इंदिरपुरम परिवार के पूर्व प्रधान सुशील चांडक को ज़ोन २० का बनाया गया असिस्टंट गवर्नर