माघ मेला में उमड़ेगी लाखों की भीड़, प्रोटोकॉल का पालन नामुमकिन


प्रयागराज,(उत्तर प्रदेश)। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच दो दिन बाद ही मकर संक्रांति पर्व है। मेला क्षेत्र में इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने का अनुमान है। लेकिन इससे संक्रमण के फैलाव की भी आशंका बन गई है। कहा जा रहा है कि खराब मौसम में मकर संक्रांति के प्रथम स्नान पर्व पर देश के कोने-कोने से आने वाली भीड़ के बीच कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन कराना मेला प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा।
संगम तट पर डुबकी लगाने से लेकर कपड़े बदलने तक के लिए जन सैलाब के बीच सामाजिक दूरी बनाए रखना नामुमकिन हो जाएगा। ऐसे में समय रहते कोविड नियमों को पालन के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति बिगड़ सकती है।  लगातार बारिश से चौतरफा दलदल के बीच माघ मेले की शुरुआत ऐसे समय होने जा रही है, जब रेती पर कोरोना संक्रमण फैल चुका है। वहां डयूटी पर तैनात सात जवान कोविड की चपेट में आकर आइसोलेट किए जा चुके हैं। तेजी से फैल रहे संक्रमण के बीच एक तरफ लोगों की जिंदगी बचाने के लिए जहां तमाम प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, वहीं प्रयागराज में आस्था के नाम पर हर साल लगने वाले माघ मेले में महीने भर के जप, तप, ध्यान के लिए तंबुओं की नगरी बसाई जा रही है।
संगम तट पर ध्यान-साधना के इस मेले की शुरुआत 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर प्रथम स्नान पर्व से होगी। मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर संगम में लाखों श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की उम्मीद है। ऐसे में बड़ी तादाद में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आने वाले संतों-भक्तों से कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन कराना मेला प्रशासन के सामने चुनौती होगी। हालांकि सरकार ने इसके लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।
 वैसे, माघ मेले में हर शिविरों में रजिस्टर रखने, वैक्सीन की दोनों डोज लेने का सर्टिफिकेट लेकर आने जैसी सख्ती के बीच जहां श्रद्धालुओं को प्रोटोकॉल के पालन के लिए जागरूक करने की बात कही जा रही है, वहीं आस्थावानों की भीड़ पहुंचने लगी है।  कहा जा रहा है कि पिछले साल हरिद्वार कुंभ का अंजाम देखने के बावजूद मेले के आयोजन पर रोक लगाकर योगी सरकार विधान सभा के चुनावी समर में वोटरों को नाराज करने का जोखिम मोल नहीं लेना चाहती, तो वहीं इस मसले पर दूसरे दल भी आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। राधा आध्यात्मिक सत्संग समिति की अध्यक्ष डॉ रा धाचार्या का शिविर अपर संगम मार्ग पर लग चुका है।
वह कहती हैं कि इस मेले में महीने भर साक्षात भगवान से साक्षात्कार का अवसर मिलता है। तन,मन निर्मल हो जाता है। ऐसे में उनका भरोसा है कि कोरोना संक्रमण का यहां कोई असर नहीं होगा। फिर भी वह कहती हैं, कि लोगों को मास्क लगाने के साथ ही सैनिटाइजेशन करते रहना चहिए, बाकी सब ईश्वर पर छोड़ दें। स्वामी ब्रह्माश्रम भी कहते हैं कि मेला कोरोना संक्रमण जैसी बाधा को दूर करने के लिए सख्ती से कोविड एडवाइजरी का पालन होना जरूरी है। 
 हर चेक प्वाइंट पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात रहेंगी। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए हर स्तर पर कड़े और सजग प्रबंध किए गए हैं। संतों-भक्तों को कोविड अनुरूप व्यवहार के पालन के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। जो लोग अभी तक संक्रमण की चपेट में आए हैं, उन्हें आइसोलेट करा दिया गया है। मेला कोविड प्रोटोकॉल के ही तहत होगा। - शेषमणि पांडेय, मेलाधिकारी, प्रयागराज मेला प्राधिकरण। 
 

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