कुछ पत्रकारों की राजनीतिक विचारधारा और रिपोर्ट से चिढ़ा हुआ था बुल्ली बाई ऐप बनाने वाला छात्र, सिखाना चाहता था सबक


नई दिल्ली। आखिर ऐसी कौन सी बात थी जिसके कारण एक युवा और होनहार कंप्यूटर साइंस के छात्र ने एक ऐसा ऐप बनाया जिसपर मुस्लिम महिलाओं और पत्रकारों की बोली लगाई जा रही थी? बीटेक दूसरे साल का छात्र नीरज विश्नोई से पुलिस अब इसी सवाल का जवाब जानना चाहेगी।
कुछ पत्रकारों के पॉलिटिकल स्टैंड से खफा था बिश्नोई!
बुल्ली बाई ऐप बनाने वाले बिश्नोई को अदालत ने 7 दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया है। बिश्नोई ने शुरुआती पूछताछ में बताया था कि वह कुछ पत्रकारों के राजनीतिक स्टैंड और रिपोर्ट से बेहद खफा था और उन्हें सबक सिखाना चाहता था। इधर पुलिस ने कहा है कि उसे इस बारे में और पूछताछ की जरूरत है ताकि बिश्नोई की हरकत के पीछे का असली मकसद जाना जा सके। बिश्नोई के बैंक अकाउंट को भी खंगाला जा रहा है।
छिपने के लिए आजमाए कई तरीके
पुलिस को सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये लग रही है कि आखिर कैसे बिश्नोई ने जांचकर्ताओं को करीब एक सप्ताह से छकाया। बिश्नोई ने इंटरनेट पर खुद को ट्रैक करने से बचाने के लिए कई तरीके अपनाए। बिश्नोई ने गिट हब अकाउंट और प्रोटोन ई-मेल अड्रेस को प्रोटोन वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के जरिए बनाया और इसका एक्सेस हासिल किया। बिश्नोई ने इसका वीपीएन को लोकेशन जापान और अमेरिका में दिखाया था ताकि जांच को भटकाया जा सके और पुलिस को लगे कि इसका यूजर्स इन देशों में रहता है। इसके अलावा बिश्नोई ने कई अपने आईपी अड्रेस को छिपाने के लिए कई अन्य तरीके भी अपनाए।
पूछताछ में बिश्नोई ने दावा किया कि उसने सुल्ली डील्स  को कॉपी किया था और उसके कोड और ग्राफिक्स को एडिट करके ठीक वैसा ही ऐप बनाने में इस्तेमाल किया। पुलिस बिश्नोई के हर दावे की जांच कर रही है और उसके ऑनलाइन सबूतों की फोरेंसिक जांच कर रही है। बिश्नोई ने पुलिस को बताया कि उसने ट्विटर हैंडल @bullibai_ के अलावा गिफ्ट हब पर बुल्ली बाई ऐप बनाया। इसके अलावा उसने कुछ और हैंडल भी बनाए थे। उसने बताया कि गिफ्ट हब अकाउंट और ऐप को नवंबर 2021 में बनाया था और इसे रिलीज करने से पहले दिसंबर 2021 में अपडेट किया था। सूत्रों ने बताया कि बिश्नोई ने 31 दिसंबर को @bullibai_ ट्विटर अकाउंट और प्रोटोन ई-मेल अड्रेस को बिश्नोई ने प्रोटोन वीपीएन का इस्तेमाल कर बनाया था। बिश्नोई ने एक और ट्विटर अकाउंट @Sage0x1 भी बनाया था।
बिश्नोई के एक रिश्तेदार ने बताया कि असम के जोरहाट में एक कोराबारी का बेटा बिश्नोई असम में बसने से पहले अपने माता-पिता और दो बहनों के साथ राजस्थान में रहता था। बिश्नोई अपने परिवार का एकलौता बेटा और सबसे छोटा था। वह काफी शर्मिला और हमेशा एकांत में रहना पसंद करता था।
तकनीक के इस्तेमाल में माहिर बिश्नोई की दुनिया के उसके लैपटॉप और स्मार्टफोन के इर्द-गिर्द घूमती रहती थी। पुलिस बिश्नोई की हर हरकत की पूरी जांच-परख कर रही है ताकि उसके बारे में सही जानकारी हासिल की जा सके। बिश्नोई पिछले एक हफ्ते से लगातार सोशल मीडिया पर न्यूज देख रहा था। बिश्नोई एक अनजान अकाउंट (@giyu44) के जरिए सामने आया और इस घटना की जिम्मेदारी ली। उसके बाद बिश्नोई ने मुंबई पुलिस पर निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगाया और जांच को भरमाने का काम किया। पुलिस की जांच को भटकाने के लिए वह लगातार अपना ट्विटर सेटिंग भी बदलते रहता था और इसमें यूजर्स का लोकेशन नेपाल बताता था।

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