डीडीए लैंड पूलिंग के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार


दिल्ली ब्यूरो।  दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की लैंड पुलिंग पॉलिसी के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगी करने वाले दो अरोपियों को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डीडीए से जमीन लेने का दावा कर एमटीएनएल इम्पलाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी बनाई और लोगों को सस्ते दरों पर फ्लैट देने का झांसा देकर ठगी की। इसके लिए आरोपियों ने विज्ञापन दिया। जिसे देखकर बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग कराई। काफी सालों तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर निवेशकों ने डीडीए से संपर्क किया। जहां पता चला कि डीडीए ने किसी भी बिल्डर को भूमि आवंटित नहीं किया है। 
शाखा के विशेष आयुक्त देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान द्वारका निवासी जतिन गुलराजनी और बापरौला निवासी निवासी राज कुमार के रूप में हुई है। वर्ष 2020 में जे एस ढाका सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने शाखा में एमटीएनएल हाउसिंग सोसाइटी के खिलाफ ठगी की शिकायत की। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि उसने एमटीएनएल इम्पलाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी में एक फ्लैट बुक किया था। अगस्त 2019 में सोसाइटी ने फ्लैट खरीदने का एक विज्ञापन दिया था। जिसमें फ्लैट की कीमत 19.80 लाख थी। उसने 4.51 लाख की तीन किश्तें दी। उसके बाद पता चला कि पूरी योजना फर्जी है। 
जांच में पता चला कि सोसायटी का एमटीएनएल या उस विभाग के कर्मचारी कार्यालय से कोई संबंध नहीं है। आरोपियों ने 45 निवेशकों से 4.60 करोड़ रुपये लिए थे। इसमें से 90 फीसदी पैसा मैट्रिक्स एंटरप्राइजेज के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया था। मैट्रिक्स को पैसे सदस्य बनाने और सोसाइटी के लिए भूमि की व्यवस्था करने के लिए दिया गया था। इसके अलावा पैसे जतिन की पत्नी और एक आरोपी व्यक्ति के खाते में जमा करवाई गई। सोसाइटी की ओर से जतिन ने मैट्रिक्स इंटरप्राइजेज से भूमि क्रय का अनुबंध चार करोड़ रुपये प्रति एकड़ किया गया था। 
जबकि भूमि के मालिक के साथ उक्त एजेंसी ने मात्र 2.25 करोड रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन का समझौता हुआ था। सोसाइटी ने मैट्रिक्स को सदस्य बनाने के लिए भारी कमीशन दिया था। राजकुमार मैट्रिक्स इंटरप्राइजेज का मालिक है। इस खुलासे के बाद पुलिस टीम ने सोमवार को दोनों आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि जतिन गुलराजनी धोखाधड़ी से पहले प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। वहीं राज कुमार जतिन के संपर्क में आने से पहले कंप्यूटर रिपेयरिंग का काम करता था।
आर्थिक अपराध शाखा ने लुभावनी योजना में पैसे का निवेश करवाकर लोगों से एक करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाली कंपनी के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी और उसके साथियों ने 59 लोगों से 1.5 करोड़ की ठगी की है। पुलिस कंपनी के मालिक और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। 
शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा के बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान नंदनगरी निवासी अरुण कुमार शुक्ला(36) के रूप में हुई है। वर्ष 2021 में विमला वर्मा सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने शाखा में ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि अंबेश तिवारी घोंडा में यूने एंटरप्राइजेज नाम की कंपनी चलाता था। उसने लोगों से अपनी कंपनी की योजनाओं में पैसे का निवेश करवाया। 
उसकी एक योजना थी जिसमें एक बार दस हजार रुपये का निवेश करने पर 15 महीने बाद निवेशकों को 20 हजार रुपये मिलेंगे। जबकि दूसरी योजना में प्रति माह एक हजार रुपये 12 महीना जमा करने पर निवेशकों को पंद्रह हजार रुपये मिलेंगे। विमला वर्मा सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने दोनों योजनाओं में करीब 1.5 करोड़ रुपये का निवेश किया। अंबेश तिवारी उसके परिवार के सदस्य और दो सहयोगी अरुण कुमार शुक्ला और ललित निवेशकों से पैसा लेते था। योजना पूरा होने के बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं का पैसा वापस नहीं किया और सभी गायब हो गए। 
शिकायत मिलने के बाद शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि शिकायत दर्ज होने के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने कथित कंपनी के बैंक खातों की जांच की गई और उनका विश्लेषण किया गया। जिससे पता चला कि कंपनी ने निवेशकों से बड़े पैमाने पर पैसे लिए हैं। कंपनी ने शुरू में निवेशकों को लुभाने के लिए शुरुआती निवेशकों को अच्छा रिटर्न भी दिया। लोगों को लुभाने के लिए प्रमुख इलाकों में अपने कार्यालय खोले। उसके बाद पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की और सोमवार को फरार आरोपी अरुण को गिरफ्तार कर लिया। 
पुलिस मुख्य आरोपी अंबेश तिवारी सहित अन्य आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अरुण शुक्ला अमेठी यूपी का रहने वाला है। 12वीं पास करने के बाद वह एक कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर काम करता था। उसके बाद वह अंबेश के साथ जुड़ा। वह निवेशकों को कंपनी के लुभावनी योजनाओं के बारे में बताता था। फिलहाल वह यूपी के जेवर में प्रॉपर्टी डीलर के सहायक के रूप में काम कर रहा था।

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