गाजियाबाद में अब घर बैठे बनवाओ लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो खिचवाने और वेरिफिकेशन के लिए नहीं काटने होंगे आरटीओ के चक्कर


प्रेम प्रकाश त्रिपाठी,(गाजियाबाद)। अब आपका लर्निंग लाइसेंस घर बैठे ही बन जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करके स्लॉट हासिल करने के झंझट से आपको मुक्ति मिल जाएगी। फोटो खिंचवाने और वेरिफिकेशन के लिए भी आरटीओ ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। बाराबंकी में पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में सफलता के साथ गुरुवार को इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत प्रताप सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था से लर्निंग लाइसेंस के आवेदनकर्ताओं को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। यह व्यवस्था ऑनलाइन और फेसलेस माध्यम से प्रदान की जाएगी। बता दें कि अभी तक लर्निंग लाइसेंस के स्लॉट लेने के बाद 80 से 90 दिन के बाद मौका मिल रहा था। इस व्यवस्था से परीक्षा पास करने के कुछ घंटे के भीतर लर्निंग लाइसेंस बन जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि आवेदनकर्ता को सारथी पोर्टल http://sarathi.parivahan.gov.in पर जाना होगा। वहां आरटीओ और फेसलेस का विकल्प मिलेगा। फेसलेस पर क्लिक करने के बाद अपना आधार नंबर भरना होगा। फिर आधार नंबर का ऑटोमैटिक वेरिफिकेशन होगा। उस ओटीपी को भरने के बाद बाकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके तहत फॉर्म भरना, आवश्यक दस्तावेज की स्वप्रमाणित प्रति अपलोड करना और नियमानुसार फीस ऑनलाइन जमा करवानी होगी। इसके बाद आरटीओ की तरफ से ऑनलाइन टेस्ट के लिए ओटीपी भेजा जाएगा।
ऑनलाइन टेस्ट के दौरान आवेदक का फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। फिर परीक्षा के लिए 15 सवाल आएंगे। इसमें 8 सवाल का सही जवाब देना होगा। ध्यान यह रखना है कि फॉर्म में आवेदक वही मोबाइल नंबर अंकित करे, जो उसके आधार कार्ड पर दर्ज है। एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि ओटीपी की वैलिडिटी 72 घंटे तक रहेगी।
फेस ऑथेंटिकेशन के लिए मिलेंगे 6 अवसर
अधिकारियों ने बताया कि आवेदक के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा न दे सके। इसके लिए चेहरे का मिलान किया जाएगा। पहले चरण में 3 अवसर इसके लिए दिए जाएंगे। इसमें नवीनतम फोटो अपलोड करने का भी मौका मिलेगा। इसके बाद भी यदि चेहरे का मिलान नहीं होता तो दूसरे चरण में भी 3 मौके दिए जाएंगे। इसके बाद भी यदि दिक्कत आती है तो उसे स्लॉट लेकर कार्यालय जाना होगा। फिर पुरानी प्रक्रिया से उसका लर्निंग लाइसेंस बनाया जाएगा।
पहले वाला सिस्टम चलता रहेगा
एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत प्रताप सिंह ने बताया कि स्लॉट हासिल करके लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया चलती रहेगी। बहुत से लोगों के पास अभी भी आधार कार्ड नहीं हैं। दूसरे पहचान पत्र से उनका डीएल पुरानी व्यवस्था से बनाया जाएगा। घर में यदि किसी के पास लैपटॉप और कंम्प्यूटर नहीं है तो जनसुविधा केंद्र पर जाकर परीक्षा दे सकता है।

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