ओमीक्रोन के केस बढ़ने पर एमसीडी की चिंता बढ़ी, टेंपरेरी चिताएं फिर से रिपेयर करने के दिए आदेश


दिल्ली ब्यूरो। ओमिक्रोन के केस दिल्ली में तेजी से बढ़ने पर एमसीडी अफसरों की चिंता बढ़ गई है। अफसरों ने पब्लिक हेल्थ विभाग अफसरों की कुछ दिन पहले मीटिंग बुलाई थी। इस दौरान उन्हें आदेश दिया गया कि, जिन श्मशानों में सीएनजी भट्टियां लगाई गई हैं, उनमें सभी को चालू हालत में रखा जाएगा। अगर कोई भट्टी खराब है, तो उसे तुरंत ठीक कराया जाए। इसके अलावा जिन श्मशानों में अतिरिक्त चिताएं बनाई गई थीं, उन्हें भी दुरुस्त कराया जाए।
एमसीडी पब्लिक हेल्थ विभाग के अफसरों का कहना है कि, दिल्ली में अभी ओमिक्रोन के जो हालात हैं, वह उतने चिंताजनक नहीं हैं। ऐसा इसलिए कि, केस तो बढ़ रहे हैं, लेकिन मृत्युदर काफी कम है। एमसीडी ने आगे कहा कि, जो कोविड-19 से अभी पीड़ित हैं, उनमें जटिलताएं आने में कम से कम 15-20 दिन का समय लगेगा। ऐसे में फरवरी की शुरुआत या मध्य में मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।
एमसीडी अफसरों ने मीटिंग के बाद सभी जोनल अफसरों को आदेश दिया है कि, उनके क्षेत्र में जितने भी श्मशान घाट हैं, उनमें लगी सीएनजी की भट्टी अगर खराब है, तो उसे ठीक कराया जाए। इसके अलावा पिछले साल अप्रैल व मई के दौरान जिन श्मशानों में भी अतिरिक्त चिताओं की व्यवस्था की गई थी, उसमें से कुछ चिताओं को भी दुरुस्त किया जाए, ताकि विपरित परिस्थितियों में हालात बुरे न हों।
पिछले साल कोविड से मृतकों की संख्या बढ़ने के बाद दिल्ली के तमाम श्मशानों में चिताओं की संख्या बढ़ाई गई थी। पंजाबी बाग में चिताओं की संख्या 71 से बढ़ा कर 120 से भी अधिक कर दी गई थी। इसी तरह से सुभाष नगर में 30 चिताएं हैं, जिन्हें बढ़ा कर 40 और हस्तसाल गांव के पास स्थित श्मशान में 30 चिताओं की संख्या को बढ़ा कर 54 कर दिया गया था। निगम बोध घाट पर 100 चिताएं हैं जिनकी संख्या 150 से अधिक कर दी गई थी।

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