पत्रकार राजीव शर्मा को मिली जमानत: चीनी खुफिया एजेंसी को गुप्त सूचना देने के मामले में हैं आरोपी


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली हाईकोर्ट ने चीनी खुफिया एजेंसी को गुप्त सूचना देने से संबंधित एक मामले में  आरोपी स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को जमानत दे दी। शर्मा को आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (ओएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने हाल ही में दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आरोपी पत्रकार को दिल्ली पुलिस के विशेष शाखा ने 14 सितंबर 20 को गिरफ्तार किया था और उच्च न्यायालय ने दिसंबर 20 में जमानत दे दी। वहीं 1 जुलाई 21 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शर्मा को जासूसी मामले से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया था। सत्र न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज होने के बाद शर्मा ने उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती दी थी।
याची ने तर्क रखा कि वह गंभीर साइनस सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं। उनकी दो बार सर्जरी हुई थी। कोविड वायरस को देखते हुए जमानत प्रदान की जाए। पिछली सुनवाई में शर्मा के वकील मोहित माथुर ने अदालत को बताया था कि तय समय में आरोपपत्र दायर न होने पर अदालत ने उनके मुवक्किल को पीएमएलए मामले में डिफॉल्ट जमानत प्रदान कर दी थी।
ईडी के अनुसार जांच के दौरान यह पता चला कि शर्मा ने पारिश्रमिक के बदले चीनी खुफिया अधिकारियों को 'गोपनीय और संवेदनशील' जानकारी की दी थी, जिससे भारत की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से समझौता किया गया है। ईडी के अनुसार नकदी के अलावा, भारत में विभिन्न चीनी कंपनियों और कुछ अन्य व्यापारिक कंपनियों के साथ भारी लेनदेन किया गया जिनकी जांच की जा रही है।

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