अखिलेश भी 'ब्राह्मण कार्ड' चलने को तैयार, भगवान परशुराम की मूर्ति का किया अनावरण


लखनऊ,(उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी भी अब ब्राह्मणों को लुभाने के लिए कमर कस ली है। अखिलेश यादव ब्राह्मण नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिला रहे हैं तो ब्राह्मणों के प्रबुद्ध सम्मेलन करने की बात कहने लगे है। इससे पहले 23 अगस्त को बालिया और 24 अगस्त को मऊ में प्रबुद्ध सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया। इन सब के बीच राजधानी लखनऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे भगवान परशुराम का मंदिर सपा के नेताओं ने बनवाकर तैयार कराया है और फरसा लगाया है। अखिलेश यादव ने द्वारा आज भगवान परशुराम मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। 
लखनऊ में आखिलेश यादव ने परशुराम की पूजा कर चुनावी बिगुल फूंका। भगवान परशुराम की मूर्ति और 68 फीट ऊंचे फरसे का अखिलेश यादव ने अनावरण किया। भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापना और मंदिर के सामने फरसा लगवाने वाले सपा के नेता संतोष पाण्डेय ने बताया है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज भगवान परशुराम के दर्शन करने यहां पहुंचे। अखिलेश ने कहा  है कि सरकार बनने पर परशुराम जयंती की छुट्टी फिर बहाल की जाएगी। माना जा सकता है कि इससे अखिलेश यादव ब्राह्मण वोट बैंक पर फोकस कर रहे हैं, क्योंकि यूपी में करीब 12 फीसदी ब्राह्मण आबादी है।

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