नगर के विजय नगर मोहल्ले में बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष ने छात्रों संग किया संवाद


फतेहपुर,(उत्तर प्रदेश)। प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित करने में शिक्षा के मंदिर से लगातार कारवां बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को विजय नगर मोहल्ले के मां गौरा शिक्षा सदन में बुंदेलखंड राष्ट्र समिति द्वारा जल, जंगल और जमीन बचाओ धरोहरों को संरक्षित करने हेतु छात्र-छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया गया। 
विद्यार्थियों से संवाद में जल, जंगल, जमीन और प्राचीन धरोहरों को बचाने, बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने उन्हें संरक्षण हेतु प्रतिज्ञा दिलाई। केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जल संरक्षण के सबसे प्राचीन माध्यम हमारे तालाबों का जीर्णाेद्धार करने के लिए सरकार हर वर्ष पानी की तरह पैसा खर्च करती है। स्थानीय स्तर पर अनुपालन न होने से प्राचीन तालाब अपनी पुरानी काया को खोते जा रहे हैं। ग्रामीण जनजीवन के लिए गंवई तालाब व बावड़ियां सदियो से जीवन का आधार रही हैं। आमजन द्वारा स्थानीय स्तर पर इनकी उपयोगिता को लगभग भुला दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा परंपरागत जल स्रोतों के रख-रखाव व जीर्णाेद्धार हेतु प्रत्येक वर्ष व्यापक योजना के साथ करोड़ों रूपये खर्च किए जाते हैं। 
खागा के पक्का तालाब का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस प्राचीन तालाब को आज भी सरकारी संरक्षण की दरकार है। तालाबों के कायापलट से ग्रामीण जनजीवन को जहां पेयजल की अच्छी सुविधा मिल सकती है। पर्यटन के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। सरकारी अनदेखी व आमजन द्वारा रूचि नहीं लिए जाने से यह तालाब बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका हैं। प्राचीन तालाब जो कि कभी अपनी कलात्मकता व नैसर्गिक सौंदर्य के लिए खास पहचान रखता था। इसकी चर्चाएं दूर-दूर तक होती थी। स्थानीय जनप्रतिनिधियो एवं आम जनमानस की उपेक्षा से प्राचीन तालाब बदहाल हो गया है। आओ हम सब मिलकर इसे पुर्नजीवित करें और इसकी खोई पहचान वापस दिलावें। 
विभिन्न कक्षा में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आप लोग अपने-अपने गांव के इतिहास पर बुजुर्गों से जानकारी लेकर लेख लिखकर जमा करावें। गांव का नामकरण, यहां के प्राचीन तालाब, पुराने मंदिर, टीले, कुआं और बाजार आदि के बारे में बच्चों ने जानकारी जुटाकर जल्द ही लेख देने का संकल्प लिया। विद्यालय के निदेशक डा. राजेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के बीच ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए। संस्कार भारती के अध्यक्ष सत्यम पांडेय, आराध्या श्रीवास्तव, प्रियांशी देवी, प्रतिभा सिंह, विवेक यादव, आदर्श नामदेव, कामिनी तिवारी, सलोनी यादव, अंशिका सिंह आदि बच्चों ने संवाद में प्रतिभाग किया।

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